चमोली टनल हादसा : कर्मचारियों के विरोध के बाद बढ़ी मुआवजा राशि, मृतक आश्रितों को 45 लाख पर सहमति
चमोली : टीएचडीसी की विष्णु़गाड़ पीपलकोटी जल विद्यत परियोजना का निर्माण अंतिम चरण में हैं। 13 अगस्त को परियोजना के टेल रेस टलन में भूस्खलन से 10 कर्मचारियों की मौत हो गई थी। तथा 12 लोग घायल हुए हैं।टनल हादसे में मृतक आश्रितों और घायलों ने मुआवजा राशि को लेकर विरोध जताया था जिस पर अब सहमति बन गई है।
तक़रीब 5 दिनों तक टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन चला और रेस्क्यू अभियान पूरा हो गया है,हादसे में मृतकों के आश्रितों और घायलों ने मुआवजा राशि को लेकर विरोध जताया पूर्व में 5 लाख मृतक आश्रितों को मिलने की घोषणा की गई थी जिससे कर्मचारियों के परिजन संतुष्ट नहीं थे. लम्बी वार्ता और विरोध प्रदर्शन के बाद अब मृतक आश्रितों को 45 लाख और घायलों को 3.5 लाख अनुग्रह राशि देने पर सहमति बनी है।
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इसके अतिरिक्त श्रमिकों के परिजनों को ईपीएफ का दावा अलग से देय होगा।
पिछले एक सप्ताह से चल रहा आंदोलन उचित मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर था, जो अब समाप्त हो गया है। हिन्दुस्तान फेडरेशन यूनियन की ओर से महामंत्री सोहन कुमार, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह नेगी, कार्यालय सचिव समीर शाह, सह सचिव सूरज कुमार, संगठन मंत्री जितेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष पवन खंडूरी तथा अन्य सदस्य उपस्थित थे। समझौता होने के साथ विष्णु़गाड़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के निर्माण में कार्यो में बना गतिरोध समाप्त हो गया है।
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परियोजना का कार्य पुनः शुरू :
इसके साथ ही परियोजना का कार्य पुनः शुरू हो गया है।उप जिलाधिकारी चमोली की मध्यस्थता में आयोजित बैठक में यूनियन द्वारा पूर्व में दिए गए मांग पत्र पर चर्चा की गई।वार्ता के बाद परियोजना प्रबंधन ने प्रमुख मांगों पर सहमति व्यक्त की, जिसके बाद सभी पक्षों के बीच समझौता संपन्न हुआ। बैठक में श्रमिक हितों की सुरक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने और परियोजना के कार्यों के सुचारू संचालन के लिए आपसी सहयोग बनाए रखने पर भी सहमति बनी।



















