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बरेली और कानपुर की जलापूर्ति बदलने जा रही है; दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

 लखनऊ- बरेली नगर निगम क्षेत्र में पेयजल प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए तैयार की गई फेज-1 पुनर्गठन योजना को व्यय वित्त समिति से ₹26,595.46 लाख का अनुमोदन मिल गया है। इसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगर निगम—तीनों का साझा आर्थिक सहयोग शामिल है। परियोजना पूरी होने के बाद लगभग 92% आबादी, यानी करीब 9 लाख लोग, नियमित, स्वच्छ और बेहतर पेयजल सुविधा से जुड़ जाएंगे।

अमृत 2.0 मिशन के तहत दो प्रमुख योजनाओं को हरी झंडी
शहरी पेयजल नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार ने दो अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, अटल नवीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन (AMRUT) 2.0 के तहत बरेली और कानपुर के लिए कुल ₹582.74 करोड़ की योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार का दावा है कि इन प्रोजेक्ट्स के जरिये दोनों शहरों में पेयजल आपूर्ति अधिक दुरुस्त और टिकाऊ होगी।

कानपुर के ईस्ट–साउथ ज़ोन में 100% पेयजल कनेक्टिविटी
कानपुर नगर निगम के ईस्ट और साउथ सर्विस जिलों में पानी की पाइपलाइन का विस्तार करते हुए हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य वाली परियोजना को ₹31,678.88 लाख की मंजूरी मिल चुकी है। केंद्र, राज्य और नगर निगम तीनों स्तरों से इस योजना में आर्थिक भागीदारी होगी। इस प्रोजेक्ट से शहर के 33 वार्डों को सीधा लाभ मिलेगा और पूरे ईस्ट-साउथ क्षेत्र को निरंतर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे जलजनित बीमारियों में कमी आने की भी उम्मीद है।

शहरी ढाँचे में बड़ा सुधार
इन दोनों परियोजनाओं से बरेली और कानपुर की पेयजल व्यवस्था आधुनिक तकनीक के साथ और अधिक विश्वसनीय हो जाएगी। सरकार का कहना है कि अमृत 2.0 के अंतर्गत यह निवेश शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार लाकर लाखों नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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