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बरेली में कुकर फटने से बड़ा हादसा: मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाते समय 4 लोग झुलसे, बच्चे की हालत गंभीर

बरेली में कुकर फटने से बड़ा हादसा, मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाते समय परिवार के चार लोग झुलसे

उत्तर प्रदेश के बरेली में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। सिलेंडर खत्म होने के कारण मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाते समय अचानक कुकर फट गया, जिससे एक ही परिवार के चार लोग झुलस गए। घायलों में एक छोटे बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल बरेली के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

मिट्टी के चूल्हे पर बना रहा था खाना

जानकारी के अनुसार कैंट क्षेत्र के नकटिया निवासी राम सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम उनकी पत्नी नन्ही देवी घर में मिट्टी के चूल्हे पर उड़द और राजमा बना रही थीं। उस समय उनके बच्चे पास में ही बैठे हुए थे। खाना पकाने के दौरान अचानक कुकर तेज धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना तेज था कि पास में बैठे बच्चे और खाना बना रही महिला उसकी चपेट में आ गए।

चार लोग गंभीर रूप से झुलसे

इस हादसे में राम सिंह की पत्नी नन्ही देवी के साथ उनके तीन बच्चे झुलस गए। घायलों में बेटा कार्तिक, बेटी नेहा और देवांश शामिल हैं। हादसे में सबसे ज्यादा गंभीर रूप से छोटा बेटा कार्तिक झुलस गया है, जिसका शरीर काफी हद तक जल गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

बर्न वार्ड में चल रहा इलाज

अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों को बर्न वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों के मुताबिक कार्तिक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।

दस दिनों से नहीं मिल रहा था गैस सिलेंडर

पीड़ित राम सिंह ने बताया कि पिछले करीब दस दिनों से इलाके में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत चल रही है। गैस एजेंसी पर लंबी-लंबी लाइन लगने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने बताया कि कई बार लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ा। मजबूरी में उनकी पत्नी को मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा था।

मजदूरी कर चलाते हैं परिवार

राम सिंह ने बताया कि वह मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और अब इस हादसे ने पूरे परिवार को मुश्किल में डाल दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो जाता तो शायद यह दर्दनाक हादसा नहीं होता।

सिलेंडर किल्लत पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद इलाके में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि गैस की आपूर्ति सुचारू रहती तो लोगों को मजबूरी में मिट्टी के चूल्हे का सहारा नहीं लेना पड़ता।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

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