दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सफर आसान, लेकिन देहरादून में 13 किमी जाम बना बड़ी चुनौती
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से सफर आसान, लेकिन देहरादून में 13 किलोमीटर का जाम बना बड़ी समस्या
दिल्ली से देहरादून तक का सफर अब पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो गया है। बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी और नए एक्सप्रेसवे के कारण करीब 213 किलोमीटर की दूरी अब महज ढाई घंटे में पूरी की जा रही है। जहां पहले इस यात्रा में कई घंटे लगते थे, वहीं अब लोग कम समय में आरामदायक यात्रा का आनंद ले रहे हैं।
हालांकि, इस तेजी पर देहरादून शहर में प्रवेश करते ही अचानक ब्रेक लग जाता है। जैसे ही वाहन आशारोड़ी से शहर की सीमा में प्रवेश करते हैं, ट्रैफिक की स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। महज 13 किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को डेढ़ घंटे तक का समय लग रहा है, जो यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
13 किलोमीटर में 9 बड़े ट्रैफिक बाटलनेक
आशारोड़ी से जोगीवाला तक के इस 13 किलोमीटर लंबे रास्ते में कुल नौ बड़े ट्रैफिक बाटलनेक मौजूद हैं। इन स्थानों पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इन प्रमुख जाम पॉइंट्स में आशारोड़ी, चंद्रबनी चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, आईएसबीटी, मुस्कान चौक, कारगी चौक, पुरानी बाईपास चौक, रिस्पना पुल और जोगीवाला चौक शामिल हैं। जैसे ही एक्सप्रेसवे खत्म होता है, सबसे पहले आशारोड़ी पर ही वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जो आगे बढ़ते-बढ़ते और भी गंभीर रूप ले लेती हैं।
एक्सप्रेसवे की रफ्तार शहर में आते ही थम जाती है
एक तरफ जहां एक्सप्रेसवे पर वाहन तेज गति से दौड़ते हैं, वहीं शहर में प्रवेश करते ही ट्रैफिक जाम उनकी रफ्तार को पूरी तरह रोक देता है। इससे यात्रियों को मानसिक तनाव के साथ-साथ समय की भी भारी बर्बादी झेलनी पड़ती है।
यह समस्या सिर्फ बाहर से आने वाले पर्यटकों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी रोजमर्रा की बड़ी चुनौती बन चुकी है। रोज ऑफिस जाने वाले, छात्र और व्यापार से जुड़े लोग इस जाम से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन से बढ़ेगी समस्या
19 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन सीजन भी शुरू हो गया है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब से उत्तराखंड पहुंचते हैं।एक्सप्रेसवे बनने के बाद अब ज्यादातर पर्यटक इसी रास्ते का इस्तेमाल करेंगे, जिससे देहरादून में ट्रैफिक दबाव और बढ़ने की संभावना है। खासतौर पर हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले यात्री भी इसी मार्ग को चुनेंगे, जिससे शहर के भीतर जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है।
ट्रैफिक जाम के मुख्य कारण
देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक जाम के पीछे कई कारण सामने आए हैं। सबसे प्रमुख कारण शहर की सड़कों की सीमित क्षमता और वाहनों की तेजी से बढ़ती संख्या है।इसके अलावा सड़क किनारे अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग, ट्रैफिक सिग्नलों का सही संचालन न होना और ट्रैफिक पुलिस की सीमित तैनाती भी समस्या को बढ़ा रही है।इन कारणों से न केवल लोगों का समय बर्बाद होता है, बल्कि ईंधन की खपत भी बढ़ती है और प्रदूषण का स्तर भी तेजी से ऊपर जा रहा है।
प्रशासन की तैयारी और निगरानी
बढ़ती समस्या को देखते हुए प्रशासन ने कुछ कदम उठाने की बात कही है। खासतौर पर हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले वाहनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।यह टीम एएनपीआर कैमरों की मदद से वाहनों की निगरानी करेगी और यह डेटा इकट्ठा करेगी कि कितने वाहन देहरादून से होकर अन्य शहरों की ओर जा रहे हैं। इससे ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए भविष्य में बेहतर रणनीति बनाई जा सकेगी।
समाधान की जरूरत
फिलहाल इस समस्या का कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जो चिंता का विषय है। एक्सप्रेसवे से यात्रा तेज होने के बावजूद शहर के भीतर जाम की समस्या इस सुविधा का पूरा लाभ नहीं लेने दे रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए सड़क चौड़ीकरण, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग व्यवस्था में सुधार और अतिक्रमण हटाने जैसे कदम उठाने जरूरी हैं।
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