चारधाम यात्रा 2026 शुरू: गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुले, पीएम मोदी के नाम पहली पूजा
चारधाम यात्रा 2026 का आगाज: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले, पीएम मोदी के नाम पहली पूजा
उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 का आज विधिवत शुभारंभ हो गया है। धार्मिक आस्था और श्रद्धा के इस महापर्व की शुरुआत आज गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं और इस बार भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
गंगोत्री और यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
आज सुबह सबसे पहले गंगोत्री धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ खोले गए। इसके बाद दोपहर 12:35 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर मंदिरों को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था और भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला।
इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने पूरे कार्यक्रम में भाग लिया।
पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा
इस बार की यात्रा में एक विशेष पहल देखने को मिली, जब दोनों धामों में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से करवाई गई। इस पूजा में देश की सुख-समृद्धि, शांति और समृद्ध भविष्य की कामना की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने इसे गर्व का विषय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और वे लगातार चारधाम यात्रा की तैयारियों की जानकारी लेते रहते हैं।
सीएम धामी का संदेश: श्रद्धालुओं का स्वागत
चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री धामी ने देशभर के श्रद्धालुओं का स्वागत किया और सभी से यात्रा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं।उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोल दिए जाएंगे, जिसके बाद चारधाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग को दो सुपरजोन, 12 जोन और 30 सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर स्तर पर पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति की गई है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।यात्रा मार्गों पर 6 थाने, 9 रिपोर्टिंग चौकियां, 13 सीजनल चौकियां और 12 पर्यटन पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
यात्रियों की सुविधा के लिए खास इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। जानकीचट्टी, बड़कोट, गंगोत्री और जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसके अलावा मेडिकल ऑफिसर और स्वास्थ्य मित्र भी विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान
यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। गंगोत्री में मेडिकल ऑफिसर, जानकीचट्टी और यमुनोत्री में कई स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
आस्था और पर्यटन का संगम
चारधाम यात्रा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इससे उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। हर साल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं।
चारधाम यात्रा 2026 का आगाज पूरे उत्साह और भक्ति के साथ हो चुका है। प्रशासन की मजबूत तैयारियों और सरकार के प्रयासों से इस बार यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया गया है। आने वाले दिनों में जैसे ही केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे, देवभूमि उत्तराखंड में आस्था का सैलाब और भी बढ़ जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए यह समय आध्यात्मिक ऊर्जा और विश्वास का प्रतीक है, जहां वे अपनी आस्था के साथ भगवान के दर्शन कर जीवन को नई दिशा देते हैं।
Watch Video
Watch the full video for more details on this story.











