मुजफ्फरनगर में स्कूल वैन में लगी आग, 5 बच्चे और चालक झुलसे – बड़ा हादसा टला
मुजफ्फरनगर में स्कूल वैन में लगी आग, 5 बच्चे और चालक झुलसे – बड़ा हादसा टला
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी क्षेत्र के गांव समसो में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब बच्चों को स्कूल ले जा रही एक वैन में अचानक आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। इस हादसे में वैन में सवार पांच बच्चे और चालक झुलस गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
अचानक लगी आग से मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव समसो से बच्चों को लेकर आशीष इंग्लिश एकेडमी जा रही स्कूल वैन अचानक आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि वैन में बैठे बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बच्चों में डर और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
हालांकि, आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत साहस दिखाते हुए वैन के दरवाजे खोले और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।
स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। घायल बच्चों और चालक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार सभी घायलों की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
तकनीकी खराबी हो सकती है कारण
प्रशासन की शुरुआती जांच में वैन में आग लगने का कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा। वाहन की वायरिंग, इंजन या ईंधन प्रणाली में गड़बड़ी की संभावना जताई जा रही है।
स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद क्षेत्र में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है, लेकिन कई बार इसमें लापरवाही बरती जाती है।
अक्सर देखा गया है कि स्कूल वैन और बसें बिना उचित फिटनेस सर्टिफिकेट और सुरक्षा उपकरणों के ही सड़कों पर दौड़ रही होती हैं। ऐसे में बच्चों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
क्या कहते हैं नियम
भारत में स्कूल वाहनों के लिए कई सुरक्षा नियम निर्धारित हैं, जैसे:
- वाहन में फायर एक्सटिंग्विशर का होना अनिवार्य
- नियमित फिटनेस जांच
- प्रशिक्षित ड्राइवर और सहायक स्टाफ
- आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था
लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन अक्सर अधूरा रहता है।
प्रशासन से सख्ती की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अभिभावकों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
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