दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम: स्पेशल सेल ने आजमगढ़ के मोसैब को ठाणे से किया गिरफ्तार
दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: स्पेशल सेल ने ठाणे से संदिग्ध को दबोचा
देश की राजधानी नई दिल्ली को दहलाने की एक बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने अहम कार्रवाई की है। पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे के कांदिवली ईस्ट इलाके से आजमगढ़ निवासी 32 वर्षीय मोसैब उर्फ सोनू कलाम को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
संवेदनशील इलाकों की कर रहा था रेकी
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी राजधानी के अति संवेदनशील इलाकों की रेकी कर रहा था। इसके साथ ही वह इंटरनेट मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार-प्रसार भी कर रहा था। पुलिस को आरोपी के पास से कई डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनमें ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए स्लीपर सेल तैयार करने और लोगों को जोड़ने के संकेत हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बम बनाने की चर्चा
जांच में सामने आया है कि मोसैब विभिन्न ऑनलाइन ग्रुप्स में खिलौने वाली कार, बॉल बेयरिंग, कील और रिमोट जैसे सामानों का इस्तेमाल कर बम बनाने के तरीकों पर चर्चा करता था। यह गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय मानी जा रही हैं।
बड़े हमलों की थी साजिश
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा और तथाकथित “गजवा-ए-हिंद” जैसे एजेंडे से प्रभावित था। वह और उसके नेटवर्क से जुड़े लोग राम मंदिर अयोध्या, नए संसद भवन और प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।
आजमगढ़ से महाराष्ट्र तक का सफर
मोसैब मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले का रहने वाला है। वह करीब 15 साल पहले रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र चला गया था और वहीं अपने रिश्तेदारों के साथ रहकर काम करता था। उसका परिवार आर्थिक कारणों से पहले ही स्थानांतरित हो चुका था और किराए के मकान में रह रहा था।
परिवार को नहीं थी जानकारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की मां उससे मिलने दिल्ली गई थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके बेटे को किन कारणों से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोसैब करीब दो साल पहले ही घर आया था।
परिवार के सदस्य विदेश में
जानकारी के मुताबिक, आरोपी के पिता और भाई विदेश में काम करते हैं। उसके पिता सऊदी अरब में और छोटा भाई कुवैत में रहकर काम कर रहा है। परिवार के अन्य सदस्य आजमगढ़ में ही रहते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है।
हालांकि, यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथ और साजिशों का जाल लगातार फैल रहा है। ऐसे में सतर्कता, निगरानी और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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