उत्तराखंड मौसम अपडेट: देहरादून-बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश का खतरा, मॉनसून हुआ सक्रिय
उत्तराखंड में मॉनसून ने दी दस्तक, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए अगले कुछ दिनों का मौसम
करीब 10 दिनों की देरी के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। 30 जून को मॉनसून के सक्रिय होते ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मॉनसून पूरे उत्तराखंड में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 1 जुलाई के लिए देहरादून और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के कई अन्य जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया है।
इनमें शामिल हैं—
- टिहरी गढ़वाल
- पौड़ी गढ़वाल
- नैनीताल
- चंपावत
- ऊधम सिंह नगर
- पिथौरागढ़
- हरिद्वार
इन जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
रुद्रप्रयाग में चार दिन तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने विशेष रूप से रुद्रप्रयाग जिले के लिए अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। चारधाम यात्रा मार्ग पर लगातार बारिश के चलते यात्रियों और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन लगातार यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
मंगलवार को कहां कितनी बारिश हुई?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
प्रमुख वर्षा के आंकड़े—
- चंपावत – 60 मिमी
- देहरादून – 57.8 मिमी
- कालसी – 49 मिमी
- चकराता – 14 मिमी
बारिश के बावजूद देहरादून का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 से 3 डिग्री अधिक रहा।
इस बार मॉनसून क्यों पहुंचा देर से?
आमतौर पर उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 20 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है। लेकिन इस वर्ष पूरे देश में मॉनसून की गति अपेक्षाकृत धीमी रही, जिसके कारण उत्तराखंड में इसका आगमन लगभग 10 दिन देर से हुआ। हालांकि अब मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई के पहले सप्ताह से पूरे राज्य में नियमित और व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।
मॉनसून की उत्तरी सीमा कहां तक पहुंची?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 30 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुका है।
मॉनसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में—
- सूरत
- इंदौर
- सागर
- सीधी
- आजमगढ़
- अयोध्या
- बरेली
- देहरादून
- मंडी
से होकर गुजर रही है।
यह संकेत है कि अगले कुछ दिनों में मॉनसून पूरे उत्तर भारत में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
चारधाम यात्रियों के लिए विशेष सलाह
भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। यदि किसी मार्ग पर यात्रा रोकने की सलाह दी जाए तो उसका पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।
बारिश के दौरान क्या रखें सावधानी?
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है—
- नदी, नालों और गदेरों के किनारे जाने से बचें।
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्क रहें।
- मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें।
- चारधाम यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लें।
- किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
किसानों और जल स्रोतों के लिए राहत
मॉनसून की सक्रियता से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है। खेतों में नमी बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी। साथ ही जलाशयों, नदियों और प्राकृतिक जल स्रोतों में भी पानी का स्तर बढ़ने की संभावना है, जिससे पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड में मॉनसून की सक्रिय शुरुआत ने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ भारी बारिश, भूस्खलन और जलभराव जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना ही सुरक्षित यात्रा और जनजीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा।
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