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उत्तराखंड में अब VB-GRAMG के तहत 125 दिन मिलेगा रोजगार,आज से लागू होगी योजना।

केंद्र सरकार के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी मंगलवार को इसके संदर्भ में गजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। वीबी जी राम जी योजना में श्रमिकों से 318 प्रकार के कामकाज कराए जा सकेंगे।  

विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (वीबी जी राम जी) आज से प्रदेश में लागू की जाएगी। इस नई योजना के तहत श्रमिकों को पूरे साल में 125 दिन का काम मिलेगा। इसे मनरेगा योजना के स्थान पर लाया गया है।VB-G RAM G (विकसित भारत - रोजगार एवं आजीविका मिशन गारंटी - ग्रामीण) भारत सरकार की एक नई ग्रामीण रोजगार योजना है जो 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो गई है। यह नई योजना पुराने मनरेगा (MGNREGA) कानून की जगह लेगी।

इसमें श्रमिकों को ग्रामीण आजीविका के कार्यों के साथ-साथ जल संरक्षण और आपदा राहत कार्यों में भी लगाया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने इसके संदर्भ में 11 मई को ही सूचना जारी कर दी थी। उत्तराखंड सरकार ने भी मंगलवार को इसके संदर्भ में गजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

 

वीबी जी राम जी योजना में श्रमिकों से 318 प्रकार के कामकाज कराए जा सकेंगे। इसमें 97 कार्य रिपेयर और मेंटेनेंस प्रकार के होंगे। 88 कार्य मूलरूप से ग्रामीण मूलभूत ढांचे से संबंधित होंगे।

इसमें भी 52 कार्य नए और 36 पुनर्निर्माण स्वरूप के होंगे। इसके अलावा वीबी जी राम जी योजना में आपदा राहत में 37 प्रकार के कार्यों, 86 ग्रामीण आजीविक प्रकृति के कार्यों और 107 प्रकार के जल संरक्षण कार्यों में लगाया जा सकेगा।

ज्यादा दिनों का काम: मनरेगा में साल में 100 दिन के काम की गारंटी मिलती थी, लेकिन इस नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
पहाड़ी राज्य होने के नाते उत्तराखंड में इस योजना का दायरा बहुत बड़ा कर दिया गया है। इसके तहत अब 318 अलग-अलग प्रकार के काम करवाए जा सकेंगे, जिन्हें मुख्य रूप से इन श्रेणियों में बांटा गया है

:जल संरक्षण (107 कार्य): उत्तराखंड के गांवों में पानी के संकट को दूर करने के लिए चाल-खाल, नौलों-धारों का पुनरुद्धार और जल संचय के काम किए जाएंगे।

रखरखाव और रिपेयर (97 कार्य): गांवों की पुरानी संपत्तियों और रास्तों की मरम्मत का काम।

ग्रामीण आजीविका (86 कार्य): ग्रामीणों की कमाई बढ़ाने से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास।

आपदा राहत कार्य (37 कार्य): पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) रोकने, आपदा से खराब हुए रास्तों को सुधारने और सुरक्षा दीवार बनाने जैसे जरूरी काम भी इसमें शामिल हैं।

ग्रामीण बुनियादी ढांचा (88 कार्य): गांवों में संपर्क मार्ग और पक्के ढांचे बनाना, जिनमें 52 नए काम और 36 पुनर्निर्माण के काम शामिल हैं।

बेरोजगारी भत्ता: अगर योजना के तहत आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर सरकार काम नहीं दे पाती है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

देरी पर हर्जाना: यदि मजदूरी मिलने में तय समय से देरी होती है, तो सरकार की तरफ से मुआवजा भी मिलेगा।

 

 

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