ब्रेकिंग

वेब स्टोरी

UP : गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का 17 जून को सीएम योगी करेंगे लोकार्पण, जानें!
UP : उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र को विकास की नई रफ्तार देने जा रहे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण अब बस चंद दिनों की दूरी पर है। 17 जून 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर एक विशाल जनसभा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे।

UP : क्या है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे?

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे एक चार लेन का हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गोरखपुर को जोड़ता है, जिससे गोरखपुर और लखनऊ समेत अन्य प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 91 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर जिले के जोरहां गांव से शुरू होता है और आजमगढ़ जिले के सलारपुर गांव में जाकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। यह परियोजना गोरखपुर, अंबेडकरनगर, संत कबीर नगर और आजमगढ़ जिलों से होकर गुजरती है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लागत लगभग 5,876 करोड़ रुपये है। परियोजना का काम उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) की निगरानी में हुआ है। कोविड-19 महामारी और मौसम की बाधाओं के बावजूद इसका कार्य तय समय से पहले लगभग पूरा कर लिया गया है। UP

UP : क्या है एक्सप्रेसवे की खासियत?

हाई स्पीड ट्रैवल: इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे, जिससे सफर में समय की बचत होगी। विकास को बढ़ावा: गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़े क्षेत्रों में नए उद्योग, संस्थान और निवेश की संभावना बढ़ेगी। सड़क सुरक्षा: एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक सीसीटीवी, एंबुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन और टोल प्लाजा की व्यवस्था होगी। इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा: यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को बिहार और झारखंड जैसे राज्यों से बेहतर कनेक्टिविटी देगा। एमरजेंसी सुविधा: हर कुछ किलोमीटर पर एमरजेंसी कॉलिंग बूथ और सहायता केंद्र की सुविधा भी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्वांचल के विकास को हमेशा प्राथमिकता पर रखते आए हैं। उन्होंने कई बार कहा है कि पूर्वांचल को पिछड़ेपन से बाहर निकालकर आर्थिक और बुनियादी ढांचे की दृष्टि से सशक्त बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण इसी विज़न का हिस्सा है।

UP : आम लोगों को होंगे ये फायदे

यात्रा में समय की बचत: पहले जहां गोरखपुर से लखनऊ या वाराणसी जाना कई घंटे लगता था, अब यात्रा आसान और तेज़ होगी। रोजगार के अवसर: एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल हब और वेयरहाउस बनने से स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे। कृषि उत्पादों की आसान आवाजाही: किसान अब अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक कम समय में पहुंचा सकेंगे। ट्रांसपोर्ट का खर्च घटेगा: बेहतर सड़कों से ईंधन की खपत घटेगी और ट्रक-ट्रांसपोर्ट की लागत भी कम होगी। UP

UP : उद्घाटन समारोह की तैयारियां जोरों पर

गोरखपुर में 17 जून को आयोजित होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंच, पांडाल, सुरक्षा और ट्रैफिक की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के लिए विकास की एक नई उम्मीद बनकर सामने आया है। इसका लोकार्पण न सिर्फ गोरखपुर के लोगों को राहत देगा, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के समग्र विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा। 17 जून का दिन निश्चित ही गोरखपुर और आस-पास के लोगों के लिए ऐतिहासिक बन जाएगा। Also Read : UP : मेधावी छात्रों को सम्मानित करेंगे CM योगी, छात्रों के लिए की बड़ी घोषणाएं

You Might Also Like

Public Notice
MDDA ADD

Facebook Feed