-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसा: स्लीपर बस पलटी, 7 की मौत, 25 घायल
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: दरोगा और बंदी समेत 7 की मौत, 25 घायल
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्लीपर बस डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में बिहार के एक दरोगा और एक बंदी समेत सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब 25 यात्री घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह दर्दनाक हादसा औरास थाना क्षेत्र के नीभाखेड़ा गांव के पास सुबह करीब पांच बजे हुआ। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को झपकी आना बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बस दिल्ली से बलिया जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे।
अचानक तेज धमाका और चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों और घायल यात्रियों के अनुसार हादसे के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। लंबा सफर और भोर का समय होने के कारण लगभग सभी यात्री सो रहे थे। तभी अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज आई और बस अनियंत्रित होकर पलट गई।
बस में सवार यात्रियों ने बताया कि इतना तेज झटका लगा कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ऊपर की बर्थ पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े और नीचे बैठे लोग एक-दूसरे के ऊपर दब गए। कई यात्री सीटों के बीच बुरी तरह फंस गए।
दिल्ली से बलिया जा रहे घायल यात्री ब्रजेश कुमार ने बताया कि हादसे के बाद ऐसा लग रहा था मानो बस किसी गहरी खाई में फिसल रही हो। बस की खिड़की का शीशा टूटने के बाद वह किसी तरह बाहर निकल पाए। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे से गुजर रहे कुछ वाहन चालकों ने तुरंत रुककर मदद की और कई लोगों की जान बचाई।
बस के नीचे दबे मिले शव
हादसे के बाद पुलिस, एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कई यात्री बस के अंदर फंसे हुए थे। कुछ के हाथ-पैर गंभीर रूप से घायल थे, जबकि कई लोगों के अंग कट गए थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान क्रेन की मदद से बस को सीधा किया गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही बस उठाई गई, उसके नीचे से शव निकलने लगे। सभी मृतकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सात लोगों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों में बिहार पुलिस के उपनिरीक्षक रवीचरन और बंदी सीएस तोमर उर्फ चंद्रपाल भी शामिल हैं। दोनों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। बंदी का फेफड़ा फटने की भी जानकारी सामने आई है।
घायलों की हालत गंभीर
इस हादसे में करीब 25 लोग घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई यात्रियों के सिर, छाती, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
घायल श्वेता की कॉलर बोन फ्रैक्चर बताई जा रही है, जबकि अन्य यात्रियों को भी गंभीर चोटें लगी हैं। हादसे में गर्भवती महिला हबीबा भी घायल हुई हैं, जिन्हें छाती और हाथ में चोटें आई हैं।
कुछ यात्रियों ने बताया कि बस बाईं ओर पलटी थी। जो यात्री दाईं तरफ बैठे थे, उनकी जान बच गई, जबकि बाईं ओर बैठे लोगों को ज्यादा चोटें आईं।
चालक पर ओवरस्पीडिंग के पहले से थे चालान
जांच में सामने आया है कि हादसे का शिकार हुई बस सरोज ट्रैवल्स की थी। बस का रजिस्ट्रेशन फरवरी 2026 में हुआ था। वाहन पर पहले से पांच चालान दर्ज थे, जिनमें चार ओवरस्पीडिंग के थे।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में बिना परमिट प्रवेश करने पर भी 50 हजार रुपये का चालान हुआ था। पुलिस अब चालक और ट्रैवल कंपनी की लापरवाही की भी जांच कर रही है।
पुलिस जांच में जुटी
उन्नाव पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आना मुख्य वजह मानी जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हादसे के समय बस की रफ्तार कितनी थी और चालक लगातार कितने घंटे से वाहन चला रहा था।
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय तक लंबा जाम भी लगा रहा। बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया।
लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे
उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर एक्सप्रेसवे और हाईवे पर ओवरस्पीडिंग और ड्राइवर की लापरवाही बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी के सफर में सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है।
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