शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर का इस्तीफा
लखनऊ- अयोध्या में तैनात राज्य कर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। यह फैसला उन्होंने हाल के दिनों में सार्वजनिक मंचों पर की गई कुछ टिप्पणियों से स्वयं को आहत महसूस करने के बाद लिया। अधिकारी का कहना है कि संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के खिलाफ की जा रही बयानबाजी से न केवल प्रशासनिक तंत्र बल्कि उसमें कार्यरत कर्मचारी भी प्रभावित होते हैं।
इस्तीफे की घोषणा करते हुए उपायुक्त कर प्रशांत सिंह ने कहा कि वह एक सरकारी सेवक होने के साथ-साथ एक नागरिक भी हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनकी गहरी आस्था है। उनके अनुसार, देश और प्रदेश की जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लगातार की जा रही बयानबाजी उन्हें व्यक्तिगत रूप से विचलित कर रही थी।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी सरकार की नीतियों और व्यवस्था का हिस्सा होते हैं और ऐसे में जब सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े किए जाते हैं, तो उसका असर कर्मचारियों के मनोबल पर भी पड़ता है। इसी भावना के तहत उन्होंने अपने पद से हटने का निर्णय लिया और अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया।
प्रशांत सिंह ने यह भी कहा कि हाल ही में कुछ अन्य अधिकारियों के इस्तीफों को लेकर जिस तरह की चर्चाएं और बयान सामने आए, उनसे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उनका मानना है कि अधिकारियों को किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन में नहीं आना चाहिए और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम किसी व्यक्तिगत लाभ या पद की आकांक्षा से नहीं, बल्कि अपने विचारों और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनका कहना है कि चुनी हुई सरकार और उसके नेतृत्व का सम्मान बनाए रखना हर नागरिक और कर्मचारी की जिम्मेदारी है, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
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