मुरादाबाद में प्रेम प्रसंग बना दोहरे हत्याकांड की वजह, युवक-युवती की पीट-पीटकर हत्या
मुरादाबाद - जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में सामने आए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है। उमरी सब्जीपुर गांव में एक युवक और युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई और फिर सबूत मिटाने के लिए दोनों के शवों को बोरी में भरकर नदी किनारे जमीन में दबा दिया गया। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक युवक अरमान और युवती काजल के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। रविवार रात अरमान अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा, जहां युवती के परिजनों ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद गुस्से में परिजनों ने दोनों की जमकर पिटाई की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को ठिकाने लगाने की साजिश रची। दोनों के शवों को बोरी में बंद कर गांव से करीब दो किलोमीटर दूर बाबा नीम करौली मंदिर के पास गागन नदी के किनारे ले जाकर गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की।
मामले का खुलासा तब हुआ जब अरमान के पिता ने थाने में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पड़ोस के एक परिवार पर शक जताया। पुलिस ने इसी आधार पर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान युवती के पिता और भाइयों से सख्ती से सवाल किए गए, जिसके बाद पूरी वारदात सामने आ गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने खुद को शक से दूर रखने के लिए हत्या के बाद थाने जाकर काजल की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि अरमान उसे कहीं ले गया है। उनका उद्देश्य था कि पुलिस की जांच दूसरी दिशा में भटक जाए।
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि पूछताछ में युवती के भाइयों ने दोनों की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने घटनास्थल से दोनों के शव बरामद कर लिए हैं और हत्या में इस्तेमाल किया गया फावड़ा भी जब्त कर लिया गया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
घटना की गंभीरता और दोनों समुदायों से जुड़े होने के कारण गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। उमरी सब्जीपुर में पुलिस और पीएसी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। लखनऊ-दिल्ली बाइपास से सटे इस इलाके में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
बताया गया है कि अरमान पेशे से टाइल्स और मार्बल लगाने का काम करता था, जबकि काजल ने हाल ही में 12वीं की पढ़ाई पूरी कर एक निजी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था। वारदात की रात आसपास के लोगों ने शोर सुना था, लेकिन ठंड और गलतफहमी के कारण किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।
यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक तनाव, पारिवारिक असहिष्णुता और कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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