रायबरेली में राहुल गांधी का सियासी दौरा, संगठन और पंचायत चुनावों पर मंथन
रायबरेली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को रायबरेली पहुंचकर पार्टी संगठन और आगामी चुनावों को लेकर व्यापक मंथन किया। भुएमऊ गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि राजनीतिक संघर्ष में डटे रहना जरूरी है और किसी भी तरह के दबाव से घबराने की जरूरत नहीं है।
बैठक के दौरान पंचायत चुनावों की तैयारियों, संभावित प्रत्याशियों के चयन और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने को लेकर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने स्थानीय नेताओं से क्षेत्रीय मुद्दों पर फीडबैक लिया और संगठन को जनता से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने रोजगार, मजदूरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों को पार्टी की प्राथमिकता बताया।
राहुल गांधी ने मनरेगा का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस की सोच पंचायतों को अधिक अधिकार और जिम्मेदारी देने की रही है। उनका कहना था कि ग्रामीण रोजगार और न्यूनतम मजदूरी जैसी योजनाओं का उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग को सुरक्षा देना था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों से इन योजनाओं की मूल भावना कमजोर हुई है, जिसका सीधा असर गरीब तबके पर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस देशभर में मजदूरों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ें और सामाजिक सुरक्षा मजबूत हो। राहुल गांधी ने युवा कार्यकर्ताओं को आगे लाने की जरूरत पर विशेष बल दिया और संकेत दिया कि आगामी चुनावों में युवाओं को अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी ने रायबरेली में 31 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और आठ नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इन योजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय विकास को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा उन्होंने रायबरेली प्रीमियर लीग का उद्घाटन कर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया।
इसके बाद राहुल गांधी नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के आवास पर पहुंचे, जहां स्थानीय विकास और नगर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दौरे के अंतिम चरण में राहुल गांधी ऊंचाहार के उमरन गांव पहुंचे, जहां मनरेगा चौपाल का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। चौपाल में रोजगार, मजदूरी, भूमि और अधिकारों से जुड़े सवाल प्रमुख रहे। लंबे समय बाद इतनी बड़ी जनभागीदारी को क्षेत्र की राजनीति में अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा रायबरेली और आसपास के क्षेत्रों में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में इसका असर स्थानीय राजनीति और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
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