शिवा शर्मा केस: 8 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर श्रद्धा दुबे, नेपाल में ठिकाने बदलने की खबर
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। 17 अक्टूबर 2026 तक मुख्य आरोपी के रूप में नामजद श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे पुलिस की गिरफ्त से बाहर थीं। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा के नेपाल में छिपे होने की आशंका है और वह लगातार अपना ठिकाना बदल रही है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि पुलिस को संभावित लोकेशन मिलने से करीब चार घंटे पहले ही वह वहां से निकल जाती है।
हालांकि, नेपाल में उसकी मौजूदा लोकेशन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की तलाश जारी है और आरोपों की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
क्या है पूरा मामला?
9 अक्टूबर 2026 की रात लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कारोबारी शिवा शर्मा गिर गए थे। बाद में उनकी मौत हो गई। शुरुआत में घटना को संदिग्ध मौत के तौर पर देखा गया, लेकिन परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।
शिवा की मां ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में हत्या के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि शिवा ने आत्महत्या की थी। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध सबूतों की जांच कर रही है
नेपाल में ठिकाना बदलने की खबर, चार मोबाइल नंबरों से तलाश
आज तक की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धा की तलाश में भारत के तीन और नेपाल के एक मोबाइल नंबर से जुड़े इनपुट खंगाले जा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि संभावित लोकेशन मिलने तक श्रद्धा वहां से निकल जाती है, जिससे जांच टीम को मुश्किल हो रही है।
वहीं, टीवी9 हिंदी ने 17 अक्टूबर को खबर दी कि श्रद्धा की संभावित लोकेशन नेपाल के पोखरा में मिलने के बाद पुलिस की तीन टीमें नेपाल पहुंची हैं। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आई लोकेशन की जानकारी को उसकी वर्तमान स्थिति की अंतिम पुष्टि नहीं माना जा सकता
श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई भी तेज हुई है। नवभारत टाइम्स की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। रिपोर्ट में लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के हवाले से कहा गया है कि आरोपियों की तलाश नेपाल पुलिस की मदद से की जा रही है।
इससे पहले पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और छह टीमें गठित की थीं। श्रद्धा की स्कॉर्पियो नेपाल सीमा के पास बहराइच के रुपईडीहा में मिलने की खबर भी सामने आई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 10 आंतरिक चोटों का जिक्र
शिवा शर्मा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच का अहम हिस्सा है। इंडिया टुडे की 14 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, पोस्टमार्टम में मौत से पहले लगीं 10 गंभीर आंतरिक चोटों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में मौत का कारण चोटों से हुआ शॉक और रक्तस्राव बताया गया, लेकिन चोटें किस परिस्थिति में लगीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
श्रद्धा ने वीडियो के जरिए दावा किया है कि शिवा ने आत्महत्या की थी, जबकि शिवा के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। इसलिए घटना के वास्तविक क्रम और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
जांच में अब आगे क्या?
फिलहाल पुलिस के सामने तीन प्रमुख चुनौतियां हैं: नेपाल में आरोपियों की सही लोकेशन का पता लगाना, डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच करना और 9 अक्टूबर की रात अपार्टमेंट में हुई घटनाओं का क्रम स्थापित करना। मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्य इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम हो सकते हैं।
श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।









