ब्रेकिंग

वेब स्टोरी

नीला ड्रम केस : मेरठ कोर्ट का बड़ा फैसला मुस्कान और साहिल को सुनाई गई मौत की सजा

मेरठ:उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने दोनों को 30 सितंबर को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा पर सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई।

इस मामले ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। आरोप था कि सौरभ राजपूत की हत्या करने के बाद उसके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी

बुधवार को जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुस्कान और साहिल की अदालत में पेशी हुई। सजा सुनाने से पहले अदालत ने दोनों के स्वास्थ्य और जेल की दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोनों को मृत्युदंड से दंडित किया।

सौरभ की मां रेणू और भाई बबलू ने अदालत से दोनों दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे ने भी मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी।
 

प्रेम विवाह के बाद शुरू हुआ विवाद

मामले के अनुसार, मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में पारिवारिक विवाद के बाद दोनों अलग हो गए थे। इसी वर्ष मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो वर्तमान में अपने नाना-नानी के साथ रहती है।

इसी दौरान मुस्कान की मुलाकात अपने स्कूल के सहपाठी साहिल शुक्ला से हुई। सौरभ के विदेश जाने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
 

मार्च 2025 में हुआ था हत्याकांड का खुलासा

पुलिस के मुताबिक, सौरभ के विदेश से लौटने के बाद उसकी हत्या की साजिश रची गई। 3 मार्च 2025 की रात उसकी हत्या कर शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया।

इसके बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल घूमने चले गए। 17 मार्च को लौटने के बाद 18 मार्च को मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। उनकी निशानदेही पर ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया गया
 

30 सितंबर को दोषी करार दिए गए थे दोनों

पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के बाद 30 सितंबर को जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या के मामले में दोषी ठहराया था।

अब अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला मामले की सुनवाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मृत्युदंड के फैसले के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की स्थिति पर भी नजर रहेगी।