दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण अग्निकांड: लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी आग, 20 की मौत, 38 घायल
मालवीय नगर के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग, 20 लोगों की मौत, 38 घायल
दिल्ली में एक बार फिर बड़ा अग्निकांड सामने आया है। राजधानी के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में कई बड़े अग्निकांड सामने आ चुके हैं। पालम, विवेक विहार और साकेत जैसी घटनाओं के बाद यह हादसा राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सुबह 8:50 बजे मिली आग लगने की सूचना
जानकारी के अनुसार दिल्ली फायर सर्विस को बुधवार सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ चुके थे।
बेसमेंट से शुरू हुई आग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग रेस्टोरेंट के बेसमेंट से शुरू हुई। देखते ही देखते आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। बेसमेंट में धुआं तेजी से भरने के कारण कई लोग अंदर फंस गए। रेस्क्यू टीम ने गंभीर हालत में कई लोगों को बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। घायलों को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
20 लोगों की मौत, 38 घायल
हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 38 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने का कार्य भी प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
राहत और बचाव अभियान जारी
हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर दमकल विभाग की टीमें अभी भी मौके पर तैनात हैं। फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग संयुक्त रूप से पूरे परिसर की जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई व्यक्ति अभी भी अंदर फंसा न हो।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट या बेसमेंट में रखे ज्वलनशील पदार्थों को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दिल्ली में लगातार बढ़ रहे अग्निकांड
राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से आग लगने की घटनाओं में तेजी देखने को मिली है। हाल के महीनों में कई बड़े हादसे सामने आए हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।
विवेक विहार अग्निकांड
पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में नौ लोगों की मौत हो गई थी। जांच में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की बड़ी वजह माना गया था।
पालम अग्निकांड
मार्च में पालम क्षेत्र में चार मंजिला इमारत में लगी आग ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हालांकि घटना के कई महीने बाद भी आग लगने के कारणों पर अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है।
साकेत इमारत हादसा
कुछ दिन पहले साकेत के सैदुल्लाजाब इलाके में बहुमंजिला इमारत ढहने से कई लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद एमसीडी ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान शुरू किया था।
अग्नि सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। कई रेस्टोरेंट, होटल, पीजी, कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम या तो मौजूद नहीं होते या फिर वे काम नहीं कर रहे होते हैं।घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बने भवनों में पर्याप्त निकासी मार्ग न होने के कारण हादसे के समय लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
इस साल अब तक दर्जनों लोगों की मौत
दिल्ली फायर सर्विस के आंकड़ों के अनुसार राजधानी में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वर्ष 2026 में अब तक आग से संबंधित घटनाओं में 45 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग झुलस चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसे हादसों की संख्या और बढ़ सकती है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
मालवीय नगर का यह अग्निकांड एक बार फिर यह दिखाता है कि राजधानी में फायर सेफ्टी को लेकर व्यापक सुधार की आवश्यकता है। सरकार, नगर निगम और फायर विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि सभी व्यावसायिक और रिहायशी भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन हो। साथ ही नियमित निरीक्षण और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई भी आवश्यक है।
मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी आग ने 20 परिवारों की खुशियां छीन लीं और दर्जनों लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। जब तक अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन नहीं होगा, तब तक ऐसे हादसों का खतरा बना रहेगा। दिल्ली समेत देश के सभी बड़े शहरों को इस घटना से सबक लेकर सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
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