वेब स्टोरी

बिजली राहत योजना पर टोरंट पावर ने हाथ खड़े किए, प्रतिपूर्ति स्पष्ट न होने पर लागू करने से इंकार; कर्मचारियों ने करार रद्द करने की मांग तेज की

लखनऊ- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई बिजली राहत योजना को आगरा में लागू करने को लेकर टोरंट पावर ने अपनी असमर्थता जताई है। कंपनी ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को भेजे पत्र में कहा है कि बिना स्पष्ट प्रतिपूर्ति तंत्र के इस योजना को लागू करना उसके लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं है। कंपनी ने यह भी पूछा है कि माफ की जाने वाली राशि की भरपाई किस तरह की जाएगी और यदि प्रतिपूर्ति दी जानी है तो उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या होगी।

टोरंट पावर ने बताया कि वह उपभोक्ताओं से बकाया वसूली के लिए पहले से ही गहन प्रयास कर रही है, ऐसे में किसी भी प्रकार की छूट तभी दी जा सकती है जब उसकी भरपाई सुनिश्चित हो। कंपनी ने शासन और निगम से एक दिसंबर से लागू हो रही राहत योजना पर तत्काल स्पष्ट जानकारी देने का अनुरोध किया है।

दूसरी ओर, टोरंट के रुख ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति को आक्रामक कर दिया है। समिति ने शुक्रवार को न केवल बिजली क्षेत्र के निजीकरण का विरोध तेज कर दिया, बल्कि टोरंट पावर से हुए समझौते को तत्काल समाप्त करने की मांग भी मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में की है।

समिति का कहना है कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लाई गई योजना पर टोरंट पावर का यह रवैया स्पष्ट दिखाता है कि निजी कंपनियां जनहित से अधिक अपने लाभ को प्राथमिकता देती हैं। समिति ने चेतावनी दी है कि टोरंट का उदाहरण बताता है कि निजीकरण उपभोक्ताओं के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, इसलिए इस प्रस्ताव के विरुद्ध आंदोलन और तेज किया जाएगा।

Watch Video

Watch the full video for more details on this story.

You Might Also Like

Facebook Feed