चारधाम यात्रा के बीच चमोली में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, जोशीमठ में यात्रियों का हंगामा
चारधाम यात्रा के बीच चमोली में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, जोशीमठ में यात्रियों का हंगामा
Char Dham Yatra के दौरान बढ़ी यात्रियों की मुश्किलें
उत्तराखंड में चल रही Char Dham Yatra के बीच चमोली जिले से सामने आई ईंधन संकट की खबर ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए हजारों श्रद्धालु रोजाना पहाड़ों की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन इसी बीच पेट्रोल और डीजल की कमी ने यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। हालात ऐसे बन गए कि ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) स्थित पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने के बाद नाराज यात्रियों ने जमकर हंगामा किया और हाईवे जाम करने की कोशिश तक कर डाली।
Joshimath में घंटों लगी वाहनों की लंबी कतारें
ज्योतिर्मठ में पेट्रोल पंपों के बाहर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई यात्री घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें पेट्रोल नहीं मिल सका। कुछ वाहन तो बीच रास्ते में ही फ्यूल खत्म होने के कारण खड़े हो गए, जिससे हाईवे पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
स्थिति इतनी खराब हो गई कि कई पेट्रोल पंपों पर “No Petrol” और “सीमित ईंधन उपलब्ध” के पोस्टर लगा दिए गए। इससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई और कुछ लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
यात्रियों ने लगाए प्रशासन पर गंभीर आरोप
चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें मैदानी क्षेत्रों में गलत जानकारी देकर आगे भेजा जा रहा है। यात्रियों के अनुसार ऋषिकेश और अन्य इलाकों के पेट्रोल पंपों पर कहा जा रहा है कि पहाड़ों में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल उलट है।
एक यात्री ने कहा,“हमने ऋषिकेश में पेट्रोल भरवाना चाहा, लेकिन वहां कहा गया कि आगे पर्याप्त तेल मिल जाएगा। रुद्रप्रयाग पहुंचे तो वहां भी यही जवाब मिला। अब जोशीमठ पहुंचे हैं, यहां भी पेट्रोल खत्म है।”दूसरे श्रद्धालु ने कहा,“अगर पहले से सही जानकारी मिलती तो हम अतिरिक्त ईंधन लेकर चलते। अब परिवार के साथ बीच रास्ते में फंस गए हैं।”
Badrinath और Hemkund Sahib यात्रा पर पड़ सकता है असर
यह समय चारधाम यात्रा का पीक सीजन माना जाता है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ईंधन संकट ने यात्रा प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।यदि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बदरीनाथ हाईवे पर लंबा जाम और यात्रा बाधित होने जैसी स्थिति बन सकती है। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।
स्थानीय लोगों को भी हो रही परेशानी
सिर्फ यात्री ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग भी इस संकट से प्रभावित हो रहे हैं। टैक्सी चालक, होटल व्यवसायी और छोटे कारोबारी लगातार ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन और यात्रा सीजन में पहले से अतिरिक्त व्यवस्था की जानी चाहिए थी। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार सप्लाई प्रभावित है। सीमित मात्रा में पेट्रोल मिलने के कारण लोगों को कई किलोमीटर तक लाइन में लगना पड़ रहा है।
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जल्द ही सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सीमित स्टॉक के कारण वाहनों को कम मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को राहत मिल सके। अधिकारी Chandrashekhar Vashishtha ने कहा कि क्षेत्र में गंभीर संकट जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सप्लाई प्रभावित होने के कारण अस्थायी दिक्कतें सामने आई हैं। प्रशासन लगातार तेल कंपनियों के संपर्क में है और अतिरिक्त टैंकर भेजने की प्रक्रिया जारी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में क्यों बढ़ रही है समस्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि चारधाम यात्रा के दौरान अचानक बढ़ने वाले ट्रैफिक के कारण पहाड़ी जिलों में ईंधन की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा लगातार लग रहे जाम, सड़क निर्माण कार्य और खराब मौसम भी सप्लाई चेन को प्रभावित करते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति मुख्य रूप से मैदानी इलाकों से टैंकरों के जरिए होती है। यदि किसी कारण से हाईवे बाधित हो जाए या ट्रैफिक ज्यादा हो, तो ईंधन आपूर्ति प्रभावित होना आम बात है।
यात्रियों के लिए प्रशासन की एडवाइजरी
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जा रहे यात्रियों के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की है:
- यात्रा शुरू करने से पहले वाहन में फुल टैंक ईंधन जरूर भरवाएं
- जहां संभव हो, अतिरिक्त फ्यूल कैन साथ रखें
- लंबी यात्रा से पहले वाहन की तकनीकी जांच जरूर कराएं
- मौसम और ट्रैफिक अपडेट लगातार चेक करते रहें
- प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें
- संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक वाहन रोकने से बचें
चारधाम यात्रा में व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल
हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं, लेकिन इसके बावजूद यात्रा सीजन में ट्रैफिक, पार्किंग, जाम और ईंधन संकट जैसी समस्याएं बार-बार सामने आती हैं। इस बार भी पेट्रोल-डीजल की कमी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रशासन ने यात्रा सीजन की तैयारी पूरी गंभीरता से की थी?
यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं मजबूत नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति को सामान्य करने का दावा कर रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं की परेशानी अभी भी कम होती नजर नहीं आ रही है।
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