शाहजहांपुर बस हादसा: ओवरटेक करते समय पलटी बस, 25 घायल, 11 भर्ती
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक प्राइवेट बस ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में करीब 25 यात्री घायल हो गए, जिनमें से 11 को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह बस हरदोई के हरपालपुर से फर्रुखाबाद जा रही थी और इसमें करीब 60 यात्री सवार थे।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हरदोई जनपद के हरपालपुर से शुक्रवार सुबह एक प्राइवेट बस करीब 60 यात्रियों को लेकर फर्रुखाबाद की ओर रवाना हुई थी। बस में सवार अधिकांश यात्री बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पांचाल घाट पर गंगा स्नान करने जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। कई यात्रियों ने उसे सावधानीपूर्वक बस चलाने की सलाह भी दी, लेकिन चालक ने उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया। इसी दौरान शाहजहांपुर के अल्लाहगंज थाना क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर के पास बस चालक ने आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया।
ओवरटेक करते समय बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चलाया गया।घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया। इनमें से 11 यात्रियों को फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार मौके पर ही किया गया।
अस्पताल में भर्ती घायल
लोहिया अस्पताल में भर्ती घायलों में हरदोई जिले के विभिन्न गांवों के निवासी शामिल हैं। इनमें पांडेयपुरवा की राधिका (45), नन्हीं देवी (60), सलउद्दीपुर के विश्व प्रताप सिंह (31), मिलरगवां की उमाकांती (55), माहरेपुर की गुड्डी (55), रामदेवी (65), अनुष्का (8), नंदबाग के रामलड़ैते (47), जदुवीर सिंह (60), रामपुर मानपुर के रंजीत सिंह और अमरेखा के राजू (30) शामिल हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, इनमें से कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम, एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय और सीओ अभय वर्मा ने लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
लापरवाही बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार इस हादसे का मुख्य कारण रही। यात्रियों द्वारा बार-बार सावधानी बरतने की अपील के बावजूद चालक ने वाहन को तेज गति से चलाया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है।
घायल यात्री ने लगाया गंभीर आरोप
हादसे के बाद एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लोहिया अस्पताल में भर्ती घायल उमाकांती के पुत्र राहुल ने आरोप लगाया कि हादसे के दौरान उनकी मां के कुंडल और छह हजार रुपये बस में गिर गए थे।राहुल का कहना है कि जब उनकी मां को बस से बाहर निकाला जा रहा था, तभी एक सिपाही ने कुंडल और रुपये उठा लिए। जब उन्होंने सिपाही से सामान वापस मांगा, तो उसने पहले इलाज कराने की बात कही और बाद में थाने आने को कहा।
हालांकि, जब राहुल थाने पहुंचा तो संबंधित सिपाही ने पैसे और कुंडल लेने से साफ इनकार कर दिया। इस घटना से पीड़ित परिवार काफी परेशान है और न्याय की मांग कर रहा है।
जांच की मांग
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। एक ओर जहां बस हादसे की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सिपाही पर लगे आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास पुलिस व्यवस्था पर बना रहे।
शाहजहांपुर में हुआ यह बस हादसा न केवल सड़क सुरक्षा की अनदेखी का परिणाम है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार और लापरवाही ने 25 लोगों को घायल कर दिया, जबकि राहत कार्यों ने कई जानें बचा लीं।
जरूरत इस बात की है कि सड़क पर नियमों का सख्ती से पालन किया जाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, हादसे के बाद सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना भी बेहद जरूरी है।
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