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Badrinath Glacier Update: कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर खिसका, चमोली प्रशासन ने कहा- कोई खतरा नहीं

बदरीनाथ धाम के पास कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर खिसका, प्रशासन बोला- स्थिति सामान्य

चमोली में ग्लेशियर गतिविधि से कुछ देर बढ़ी हलचल

Badrinath धाम के पास कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर खिसकने की घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में हलचल बढ़ गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार पूरे क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं।अधिकारियों के अनुसार ग्लेशियर का हिस्सा खाई क्षेत्र में ही रुक गया और सड़क या आबादी वाले इलाकों तक नहीं पहुंचा। इसी वजह से यातायात और आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य बना रहा।

प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की

Surjeet Singh Pawar ने बताया कि गर्मियों के मौसम में हर वर्ष इस क्षेत्र में ग्लेशियर नीचे की ओर खिसकता है। इस बार भी ग्लेशियर कंचनगंगा क्षेत्र तक पहुंचा, लेकिन इससे किसी प्रकार का खतरा पैदा नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। साथ ही लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

जिलाधिकारी ने दी स्थिति की जानकारी

Gaurav Kumar ने स्पष्ट किया कि हिमस्खलन या ग्लेशियर खिसकने की इस घटना से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि ग्लेशियर सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई क्षेत्र में ही रुक गया, जिसके कारण यातायात प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन लगातार क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रहा है।

हिमालयी क्षेत्रों में सामान्य मानी जाती है ऐसी गतिविधि

विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान तापमान बढ़ने से ग्लेशियरों का पिघलना और नीचे की ओर खिसकना एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है।हालांकि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियरों की गतिविधियों पर वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों से जुड़ी घटनाओं ने पर्यावरण विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाई है।

जलवायु परिवर्तन को लेकर बढ़ी चिंता

विशेषज्ञ मानते हैं कि हिमालयी क्षेत्रों में तेजी से बदलता मौसम और तापमान ग्लेशियरों को प्रभावित कर रहा है। इसी वजह से प्रशासन और वैज्ञानिक एजेंसियां संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी कर रही हैं।फिलहाल प्रशासन ने साफ किया है कि बदरीनाथ क्षेत्र में किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है और श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

यात्रा और जनजीवन सामान्य

प्रशासन के मुताबिक बदरीनाथ यात्रा और क्षेत्र में आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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