वेब स्टोरी

बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे: जोशीमठ से निकली शंकराचार्य गद्दी और देव डोलियां

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारी तेज, जोशीमठ से रवाना हुईं देव डोलियां

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के तहत अब श्रद्धालुओं का ध्यान बदरीनाथ धाम पर केंद्रित हो गया है। यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद अब बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो चुकी है।

जोशीमठ में हुई विशेष पूजा-अर्चना

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की परंपरा के तहत नृसिंह मंदिर (ज्योतिर्मठ/जोशीमठ) में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई। इस दौरान भगवान नृसिंह, गरुड़, लक्ष्मी, गणेश और शंकराचार्य की पवित्र गद्दी की पूजा संपन्न हुई।

शंकराचार्य गद्दी और गरुड़ डोली रवाना

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की पवित्र गद्दी और भगवान गरुड़ की डोली को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया। इस दौरान अमरनाथ नंबूदरी और ऋषि प्रसाद सती सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पांडुकेश्वर में होगा पहला पड़ाव

देव डोलियां पहले पड़ाव के रूप में योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंचेंगी, जहां विश्राम के बाद आगे बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगी। परंपरा के अनुसार, यहां से अन्य धार्मिक प्रतीकों के साथ यात्रा आगे बढ़ती है।

बच्चों ने किया भव्य स्वागत

इस धार्मिक यात्रा के दौरान जोशीमठ के स्कूलों के छात्रों ने देव डोलियों का भव्य स्वागत किया। करीब दो किलोमीटर तक पुष्प वर्षा कर इस पवित्र यात्रा को उत्सव का रूप दिया गया।

कब खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट?

बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पहले 22 अप्रैल को उद्धव जी, कुबेर जी और शंकराचार्य गद्दी धाम पहुंचेंगी।

गाडू घड़ा (तेल कलश) की परंपरा

डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत द्वारा पवित्र गाडू घड़ा (तेल कलश) भी जोशीमठ से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया है। यह 22 अप्रैल को धाम पहुंचेगा और कपाट खुलने की परंपराओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चारधाम यात्रा का बढ़ता उत्साह

हर साल की तरह इस बार भी चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा अपने चरम पर पहुंच जाएगी। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम है। जोशीमठ से शुरू हुई यह पवित्र यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है, जिसका इंतजार लाखों श्रद्धालु बेसब्री से कर रहे हैं।

Watch Video

Watch the full video for more details on this story.

You Might Also Like

Facebook Feed