हल्द्वानी में फर्जी आर्मी मेजर गिरफ्तार: वर्दी पहनकर लोगों को कर रहा था गुमराह
हल्द्वानी में फर्जी आर्मी मेजर गिरफ्तार, सतर्कता से खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक भारतीय सेना का फर्जी मेजर बनकर लोगों को गुमराह कर रहा था। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने सुरक्षा और पहचान सत्यापन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कहां का है मामला?
यह पूरा मामला हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र का है। शनिवार रात वॉकवे मॉल के पास यह घटना सामने आई, जब एक सेवारत सेना अधिकारी को युवक पर शक हुआ।
कैसे हुआ खुलासा?
जानकारी के मुताबिक, मेजर अजय पाठक नामक सेना अधिकारी ने युवक को सेना की वर्दी में देखा। वर्दी पहनने का तरीका असामान्य और बेतरतीब था, जिससे उन्हें संदेह हुआ।मेजर पाठक ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए युवक का पीछा किया और उससे पहचान पत्र मांगा। इस दौरान युवक ने खुद को “मेजर अमन” बताते हुए भारतीय सेना में कार्यरत होने का दावा किया, लेकिन उसके जवाबों में स्पष्टता नहीं थी।
कौन है आरोपी?
गिरफ्तार युवक की पहचान अमन रोमसन (24) के रूप में हुई है, जो खटीमा का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह सेना अधिकारी बनकर लोगों को भ्रमित कर रहा था।
बरामद हुए फर्जी दस्तावेज
पुलिस ने आरोपी के पास से एक कथित सर्विस आईडी कार्ड और CSD कैंटीन कार्ड बरामद किया है। इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में ये दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं।
किस धारा में केस दर्ज?
काठगोदाम थाने के प्रभारी विमल मिश्रा के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता धारा 168 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा सेना की वर्दी या प्रतीकों के अवैध उपयोग से संबंधित है।
कहां रह रहा था आरोपी?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मूल रूप से खटीमा के नौसर मसर इलाके का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल वह काठगोदाम स्थित सुचेतना समाज सेवा केन्द्र में रह रहा था, जो निर्मला कान्वेंट स्कूल परिसर से जुड़ा हुआ है।
क्या था मकसद?
फिलहाल आरोपी के मकसद का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह केवल लोगों को प्रभावित करने के लिए ऐसा कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य था, जैसे धोखाधड़ी या अन्य आपराधिक गतिविधि।
पहले भी कर चुका है ऐसा?
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके संपर्कों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
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