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कांकेर IED ब्लास्ट: नक्सल ऑपरेशन के दौरान 4 जवान शहीद, डीआरजी टीम पर बड़ा हमला

कांकेर में IED ब्लास्ट: नक्सल ऑपरेशन के दौरान 4 जवान शहीद, बस्तर में हाई अलर्ट

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बेहद दुखद और गंभीर खबर सामने आई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन के दौरान आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को निष्क्रिय करते समय हुए जोरदार विस्फोट में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के चार जवान वीरगति को प्राप्त हो गए।

यह हादसा शनिवार को कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में हुआ, जहां सुरक्षा बल नक्सलियों द्वारा छिपाए गए विस्फोटकों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, DRG की टीम क्षेत्र में डीमाइनिंग ऑपरेशन चला रही थी। इस दौरान जवानों को एक संदिग्ध आईईडी मिला, जिसे निष्क्रिय करने की कोशिश की जा रही थी।

इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि तीन जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल जवान को हेलीकॉप्टर से रायपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

अधिकारियों ने की पुष्टि

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर सैकड़ों आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए गए हैं।

हालांकि, इस बार डीमाइनिंग के दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया, जिसमें चार बहादुर जवानों ने अपनी जान गंवा दी।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ा खतरा

बस्तर संभाग के घने जंगलों में नक्सलियों ने बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें और आईईडी बिछा रखे हैं। ये विस्फोटक न केवल सुरक्षा बलों बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं।

सुरक्षाबल लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर इन विस्फोटकों को खोजने और निष्क्रिय करने का काम कर रहे हैं, लेकिन इस तरह के ऑपरेशन बेहद जोखिम भरे होते हैं।

घटना के बाद सर्च ऑपरेशन तेज

IED ब्लास्ट के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में नक्सलियों की संभावित गतिविधियों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है और अन्य छिपे हुए विस्फोटकों की तलाश जारी है।

नक्सलमुक्त घोषणा के बाद पहली बड़ी घटना

यह घटना इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 31 मार्च को राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को सशस्त्र नक्सलमुक्त घोषित किया था।

इसके बाद यह पहला बड़ा IED विस्फोट है, जिसने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे सुरक्षा बलों की चिंता भी बढ़ गई है।

देश ने खोए अपने वीर सपूत

इस हादसे में शहीद हुए जवानों की बहादुरी और बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा। ये जवान अपने कर्तव्य का पालन करते हुए देश की सुरक्षा में लगे थे और इसी दौरान उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया।

उनकी शहादत न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।

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