NEET पेपर लीक मामला: शुभम खैरनार की WhatsApp चैट से खुलासा, 500-600 नंबर दिलाने का दावा
NEET पेपर लीक मामला: शुभम खैरनार की WhatsApp चैट से हुआ बड़ा खुलासा, 500-600 नंबर दिलाने की देता था गारंटी
CBI जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर सामने आए पेपर लीक मामले में अब जांच एजेंसियों को कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में मुख्य आरोपियों में शामिल शुभम खैरनार की व्हाट्सएप चैट सामने आई है, जिसमें उम्मीदवारों को 500 से 600 अंक दिलाने की कथित गारंटी दी जा रही थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था बल्कि कई राज्यों में फैले बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। CBI अब इस पूरे सिंडिकेट की परतें खोलने में जुटी हुई है।
अप्रैल में हुई थी पेपर खरीदने की बातचीत
CBI सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल महीने में शुभम खैरनार ने पुणे के अपने कथित सप्लायर यश यादव से संपर्क कर परीक्षा प्रश्नपत्र की एक कॉपी मांगी थी। जांच में यह बात सामने आई कि 29 अप्रैल तक पेपर लीक का सौदा तय हो चुका था।
इसके बाद आरोपी और उसके सहयोगियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके परिवारों से संपर्क करना शुरू किया। उन्हें अच्छे अंक और प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने का लालच दिया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी लीक के कारण 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द करना पड़ा और बाद में परीक्षा को 21 जून के लिए पुनर्निर्धारित किया गया।
WhatsApp चैट से खुली साजिश की परतें
CBI द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण चैट लॉग बरामद हुए हैं। इन चैट्स में कथित तौर पर उम्मीदवारों को 720 में से 500 से 600 अंक दिलाने का भरोसा दिया गया था।जांचकर्ताओं के अनुसार, बातचीत में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने के लिए पहले से तैयार था और उसे योजना के सफल होने का पूरा विश्वास था।डिजिटल सबूतों में लीक हुए प्रश्नपत्रों की प्रतियां, संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी जानकारी और कई संपर्क नंबर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहा। यह कथित तौर पर हरियाणा, राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर और केरल तक पहुंच चुका था। हरियाणा के गुरुग्राम, राजस्थान के जयपुर और कोचिंग हब सीकर का नाम भी जांच में सामने आया है। अधिकारियों का मानना है कि यह संगठित नेटवर्क छात्रों और अभिभावकों को टारगेट कर रहा था।
CBI अब इन राज्यों में जुड़े अन्य संदिग्धों और बिचौलियों की पहचान करने में जुटी है।
कौन है शुभम खैरनार?
30 वर्षीय शुभम खैरनार महाराष्ट्र के नासिक जिले के इंदिरानगर इलाके का रहने वाला है। वह बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) का छात्र बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने पुणे के एक संदिग्ध व्यक्ति से लगभग 10 लाख रुपये में पेपर खरीदा था और बाद में उसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपये में बेच दिया।
इस सौदे में उसे करीब 5 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदला हुलिया
CBI अधिकारियों ने बताया कि शुभम खैरनार गिरफ्तारी से बचने की लगातार कोशिश कर रहा था। उसने अपना हुलिया बदलने के लिए बाल कटवा लिए थे ताकि पहचान छिपाई जा सके।मंगलवार दोपहर जब वह कथित तौर पर मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था, तभी CBI टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।अधिकारियों ने पुरानी तस्वीरों, तकनीकी निगरानी और सर्विलांस डेटा की मदद से उसकी पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की गई।
NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद देशभर में NEET परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लाखों छात्र हर साल इस परीक्षा की तैयारी करते हैं और ऐसे मामलों से उनकी मेहनत और भविष्य प्रभावित होता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल निगरानी, एन्क्रिप्टेड प्रश्नपत्र प्रणाली और मजबूत साइबर सुरक्षा उपाय लागू किए जाने चाहिए।
CBI की जांच जारी
CBI फिलहाल मामले से जुड़े अन्य आरोपियों, बिचौलियों और संभावित खरीदारों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पूरे देश की नजर इस हाई-प्रोफाइल जांच पर टिकी हुई है।
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