ट्रेनों में आग की घटनाओं के पीछे साजिश? रेलवे ने असामाजिक तत्वों पर जताया शक
ट्रेनों में आग की घटनाओं के पीछे साजिश? रेलवे ने असामाजिक तत्वों पर जताया शक
भारतीय रेलवे ने हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों में ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को लेकर बड़ा दावा किया है। रेलवे का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे असामाजिक तत्वों की भूमिका हो सकती है। जांच के दौरान कई मामलों में आग लगाने के प्रयास और संदिग्ध सामग्री मिलने की बात सामने आई है। हाल ही में राजस्थान के अमरपुरा और कोटा, बिहार के सासाराम तथा हावड़ा में ट्रेनों में आग लगने की घटनाएं हुई थीं। इन मामलों की जांच के बाद रेलवे ने कई अहम खुलासे किए हैं।
अमरपुरा और हावड़ा मामले में मिले संदिग्ध संकेत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अमरपुरा की घटना में ट्रेन के बिस्तर और चादरों में आग लगाने की कोशिश की गई थी। वहीं हावड़ा मामले में एक कोच के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा बरामद किया गया। इससे जांच एजेंसियों को साजिश की आशंका और मजबूत हुई है।
राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से निकली थीं लपटें
राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की घटना भी काफी चर्चाओं में रही। कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से अचानक लपटें निकलती देखी गई थीं। इसी तरह सासाराम में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा खाली कोच के अंदर जलती हुई वस्तु फेंकने की बात सामने आई है।
सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन में भी लगी थी आग
सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन में आग लगने की घटना में शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई थी। हालांकि रेलवे अब इन सभी घटनाओं को व्यापक रूप से जांच रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इनके पीछे कोई संगठित साजिश तो नहीं है।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
रेलवे ने यात्रियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है। रेलवे ने कहा है कि अगर किसी यात्री को कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें।
रतलाम में राजधानी एक्सप्रेस में लगी थी भीषण आग
यह बयान रतलाम में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में लगी भीषण आग की घटना के कुछ दिनों बाद सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, आग सुबह करीब 5:15 बजे B-1 कोच में लगी थी, जिसमें 68 यात्री सवार थे।
विक्रमगढ़ आलोट और लूनी रिछा स्टेशन के बीच हुई घटना
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह घटना विक्रमगढ़ आलोट और लूनी रिछा स्टेशनों के बीच हुई। आग लगने के बाद कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया था। घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें कोच से काले धुएं के घने बादल उठते दिखाई दिए।
पेड़ों तक फैल गई थी आग
आग इतनी भीषण थी कि रेलवे ट्रैक के किनारे लगे कुछ पेड़ों तक फैल गई थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
कई ट्रेनों का संचालन हुआ प्रभावित
इस घटना के बाद संबंधित रूट पर रेल यातायात प्रभावित हो गया था। कम से कम 18 ट्रेनों का समय प्रभावित हुआ, जबकि कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने बाद में स्थिति को नियंत्रित कर यातायात सामान्य कराया।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा फोकस
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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