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बदरीनाथ मास्टर प्लान 2026: ₹440 करोड़ से बदलेगा धाम का स्वरूप, जानें पूरी जानकारी

बदरीनाथ मास्टर प्लान: आधुनिक सुविधाओं से सजेगा धाम, अंतिम चरण में पहुंचा प्रोजेक्ट

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बदरीनाथ धाम में चल रहा बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लगभग ₹440 करोड़ की लागत से तैयार हो रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य धाम को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना, तीर्थयात्रियों को बेहतर अनुभव देना और पूरे क्षेत्र को दिव्य एवं भव्य स्वरूप प्रदान करना है।

यह परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय विकास के लिए भी एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

Phase 1: बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार

मास्टर प्लान को दो चरणों में विभाजित किया गया है—फेज-1 और फेज-2। फेज-1 के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इस चरण में यातायात को सुगम बनाने के लिए वन-वे लूप रोड और बीआरओ बाईपास रोड का निर्माण किया गया है। इससे तीर्थयात्रियों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

इसके अलावा सिविक एमेनिटी बिल्डिंग, टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर और एराइवल प्लाजा जैसे ढांचे तैयार किए गए हैं, जो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगे। शेषनेत्र लेक और बद्रीश लेक का विकास क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन में भी मदद करेगा।

अस्पताल विस्तार भवन का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी।

अलकनंदा तट पर रिवरफ्रंट विकास

मास्टर प्लान का एक प्रमुख आकर्षण अलकनंदा नदी के किनारे विकसित किया जा रहा रिवरफ्रंट है। रिवरफ्रंट-जी में फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि रिवरफ्रंट-एफ का लगभग 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अन्य हिस्सों में भी निर्माण कार्य प्रगति पर है।

इसके साथ ही 60 मीटर स्पान वाले स्टील ट्रस पुल बनाए जा रहे हैं, जो आवागमन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगे। यह विकास न केवल श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी होगा, बल्कि क्षेत्र को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में भी स्थापित करेगा।

Phase 2: आधुनिक और सुरक्षित धाम की ओर कदम

फेज-2 के अंतर्गत धाम को और अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस चरण में एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा नए रिवरफ्रंट सेक्शन, पैदल पुल और अन्य बुनियादी ढांचे विकसित किए जा रहे हैं। यह चरण विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता को मजबूत करेगा।

तीर्थ पुरोहितों के लिए आवास सुविधा

मास्टर प्लान में स्थानीय तीर्थ पुरोहितों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। योजना के तहत 11 आवास ब्लॉकों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 4 का कार्य पूरा हो चुका है।

शेष आवासों को जुलाई से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा दो नए ब्लॉकों का निर्माण भी जल्द शुरू किया जाएगा। इससे पुरोहितों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी और उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

यात्रियों के अनुभव में होगा बड़ा बदलाव

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ तीर्थयात्रियों को मिलेगा। मास्टर प्लान के तहत पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे वाहनों की भीड़ कम होगी। सीवर निस्तारण प्रणाली, पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइटिंग), और पैदल मार्गों का विकास भी किया जा रहा है। इसके साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

लक्ष्य: दिव्य और भव्य बदरीनाथ

परियोजना अधिकारियों के अनुसार सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मास्टर प्लान के पूरा होते ही बदरीनाथ धाम एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय तीर्थ स्थल के रूप में उभरेगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल आध्यात्मिक शांति मिलेगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं का भी पूरा लाभ मिलेगा।

यह परियोजना उत्तराखंड के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में बदरीनाथ की पहचान को और मजबूत करेगी।

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