वेब स्टोरी

उत्तराखंड में आंधी-बारिश का कहर: नैनीताल में किशोर की मौत, हल्द्वानी में दीवार गिरने से 5 घायल

नैनीताल: उत्तराखंड में अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी है। तेज आंधी और बारिश के चलते कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खासकर नैनीताल और हल्द्वानी में हुए हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

नैनीताल में दर्दनाक हादसा

नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के रिंगोडा गांव में रविवार रात तेज आंधी-तूफान के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार गांव निवासी प्रकाश उपाध्याय का परिवार टिनशेड वाले घर में सो रहा था।

इसी दौरान तेज हवाओं के कारण एक विशाल हल्दू का पेड़ घर पर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में 13 वर्षीय कार्तिक उपाध्याय की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यह घटना इस बात का संकेत है कि अचानक आने वाले प्राकृतिक बदलाव कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं, खासकर उन इलाकों में जहां लोग कच्चे या अस्थायी मकानों में रहते हैं।

हल्द्वानी में दीवार गिरने से बड़ा हादसा

सोमवार रात हल्द्वानी के शीशमहल क्षेत्र में भी तेज आंधी ने कहर बरपाया। यहां एक स्कूल की करीब 10 फीट ऊंची दीवार अचानक गिर गई, जो पास में बनी एक झोपड़ी पर आ गिरी। इस झोपड़ी में रहने वाले राकेश मौर्या का परिवार उस समय सो रहा था। दीवार गिरने से एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए। घायलों में 62 वर्षीय बाबू राम, 30 वर्षीय करन पाल, 28 वर्षीय धीरज, उनकी पत्नी विमला और छह महीने की मासूम बच्ची शामिल हैं।

स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी

हादसे के तुरंत बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। सभी घायलों को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार धीरज के सिर में गंभीर चोट आई है और उनके सिर पर 24 टांके लगाए गए हैं। हालांकि बाकी परिवार के सदस्य और बच्ची फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

अन्य इलाकों में भी नुकसान

तेज आंधी और बारिश का असर केवल इन दो घटनाओं तक सीमित नहीं रहा। रामनगर के भरतपुरी मोहल्ले में एक मंदिर की बाउंड्री वॉल गिरने से नीचे खड़ी तीन कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और यातायात भी प्रभावित हुआ है।

किसानों पर टूटा मौसम का कहर

इस खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। रुड़की, देहरादून, बालावाला और नथुवावाला जैसे क्षेत्रों में गेहूं की तैयार फसल जमीन पर गिर गई है। किसानों के अनुसार एक बीघा गेहूं की खेती में करीब 3700 रुपये तक की लागत आती है। लेकिन तेज हवा और बारिश के कारण फसल गिर जाने से उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। पहले जहां प्रति बीघा लगभग तीन क्विंटल उत्पादन होता था, अब यह घटकर दो क्विंटल तक रह सकता है।

फल और अन्य फसलों को भी नुकसान

ऊधम सिंह नगर और हल्द्वानी क्षेत्र में गेहूं, सरसों और मसूर की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा बागवानी करने वाले किसानों को भी बड़ा झटका लगा है। हल्द्वानी क्षेत्र में आम और लीची के बौर को लगभग 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचने की खबर है। इससे आने वाले सीजन में फलों के उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है।

मुआवजे की मांग

लगातार हो रहे नुकसान से परेशान किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है, ऐसे में उन्हें आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। उत्तराखंड में आई इस अचानक आंधी और बारिश ने यह साफ कर दिया है कि मौसम का बदलता स्वरूप कितना खतरनाक हो सकता है।

एक ओर जहां लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, वहीं दूसरी ओर कई परिवार बेघर हो गए और किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन समय रहते राहत और बचाव कार्यों को मजबूत करे और प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता पहुंचाए। साथ ही, भविष्य में इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर तैयारी की भी जरूरत है।

Watch Video

Watch the full video for more details on this story.

You Might Also Like

Facebook Feed