उत्तराखंड मौसम: बेमौसम बारिश से लौटी ठंड, पहाड़ों में बर्फबारी और दून में तापमान गिरा
उत्तराखंड में बेमौसम बारिश से बदला मौसम, पहाड़ों में बर्फबारी से लौटी ठंड
मार्च के तीसरे सप्ताह की शुरुआत उत्तराखंड में बेमौसम बारिश के साथ हुई। रविवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई और कुछ दिनों से महसूस की जा रही गर्मी से लोगों को राहत मिली।
राजधानी देहरादून में रविवार को झमाझम बारिश हुई। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। दोपहर के बाद कई इलाकों में हल्की बारिश शुरू हुई, जबकि शाम करीब पांच बजे के बाद तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया।
पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में बड़ी गिरावट
बारिश के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिला। पर्यटन स्थल मसूरी और चकराता सहित कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अचानक मौसम बदलने से लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़े।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 मार्च तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बादल छाए रह सकते हैं।
चारधाम में बर्फबारी
रविवार को चारधाम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी दर्ज की गई। बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में ताजा बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आई। केदारनाथ धाम में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया। वहीं शाम के समय गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में भी बर्फ गिरने की खबर है। इसके अलावा हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई।
मैदानी इलाकों में बारिश
जहां पहाड़ों में बर्फबारी हुई, वहीं मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। ऋषिकेश, रुड़की, हरिद्वार, विकासनगर, ज्योतिर्मठ, गोपेश्वर और चमोली सहित कई क्षेत्रों में बारिश होने से हल्की ठंड लौट आई है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया।
बारिश के बाद निखरी वादियां
बारिश के बाद पहाड़ों की वादियां धुली-धुली नजर आईं और मौसम बेहद खुशनुमा हो गया। बारिश से वातावरण साफ हो गया और प्राकृतिक सुंदरता और भी निखर कर सामने आई। कई लोगों ने इस मौसम का आनंद लिया, जबकि किसानों के लिए भी यह बारिश कुछ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।
सुधरी हवा की गुणवत्ता
बारिश के बाद कई शहरों की आबोहवा में भी सुधार देखा गया। देहरादून में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 100 से नीचे आ गया। रविवार को देहरादून का AQI 87 दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले यह 100 से ऊपर चल रहा था। बारिश से प्रदूषण के कण हवा में बैठ गए, जिससे वातावरण साफ हो गया।
जंगल की आग पर भी लगा विराम
बारिश का एक बड़ा फायदा यह भी हुआ कि जंगलों में लगी आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया। नवंबर से ही कई स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं सामने आने लगी थीं। वन विभाग के अनुसार 15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में अब तक जंगल की आग की 84 घटनाएं दर्ज की गई थीं। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि नियंत्रण सुशांत पटनायक ने बताया कि 23 स्थानों पर फायर अलर्ट जारी किया गया था। हालांकि रविवार को हुई बारिश के बाद अब किसी भी स्थान पर सक्रिय आग की सूचना नहीं है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है। 21 मार्च तक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है।विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, इसलिए लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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