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असीम मुनीर बने पाकिस्तान के पहले CDF, तीनों सेनाओं और परमाणु कमान पर पूरा नियंत्रण

पाकिस्तान में सैन्य ढांचे को दोबारा गढ़ने के बाद बड़ा फैसला सामने आया है। संविधान के 27वें संशोधन के तहत ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीजेसीएससी) का पद हटाकर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) का नया पद बनाया गया था। इसी नई व्यवस्था में मौजूदा सेना प्रमुख और पूर्व ISI चीफ असीम मुनीर को सीडीएफ नियुक्त कर दिया गया है। इस तरह अब उनके पास थल सेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों की कमान एक साथ होगी। सीडीएफ के साथ ही वह चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे।

राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुष्टि की कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सिफारिश पर मुनीर की दोनों पदों पर नियुक्ति को मंजूरी मिल चुकी है। संशोधन के बाद मुनीर की शक्तियों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों में कटौती देखी गई है। नई व्यवस्था के मुताबिक मुनीर अपने कार्यकाल के बाद भी इन शक्तियों को बनाए रख सकेंगे—यानी उन्हें न सेवानिवृत्त किया जाएगा, न ही यह पद उनसे वापस लिया जाएगा।

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने घोषणा की कि फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर को अगले पांच वर्षों के लिए सीडीएफ और सीओएएस दोनों पदों पर नियुक्त किया गया है। सीडीएफ बनने के बाद अब पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम का नियंत्रण भी उन्हीं के पास होगा। पहले यह जिम्मेदारी नेशनल कमांड अथॉरिटी के पास थी, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते थे।

इसके साथ ही वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू की सेवा अवधि दो साल बढ़ा दी गई है, जो 19 मार्च 2026 से प्रभावी होगी। पाकिस्तान के इतिहास में मुनीर पहले ऐसे सैन्य अधिकारी बन गए हैं जिनके पास फाइव-स्टार फील्ड मार्शल रैंक, सीओएएस और सीडीएफ तीनों की कमान एक साथ है। उनसे पहले यह सम्मान जनरल अयूब खान के पास था, जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान का नेतृत्व किया था।

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