असम में हिमंत बिस्वा सरमा के शपथग्रहण समारोह में सुरक्षा चूक! जिंदा कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार
असम में हिमंत बिस्वा सरमा के शपथग्रहण समारोह में सुरक्षा चूक! जिंदा कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार
शपथग्रहण समारोह से पहले मचा हड़कंप
असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के शपथग्रहण समारोह के दौरान एक बड़ा सुरक्षा मामला सामने आया है। मंगलवार को गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में सुरक्षा जांच के दौरान एक युवक को जिंदा कारतूस के साथ हिरासत में लिया गया। घटना सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि युवक कार्यक्रम स्थल के प्रवेश द्वार से अंदर जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों ने जांच के दौरान उसके पास से जिंदा गोलियां बरामद कीं। हालांकि राहत की बात यह रही कि आरोपी के पास से कोई हथियार नहीं मिला। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी को पूछताछ के लिए वशिष्ठ पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक गोलियां लेकर कार्यक्रम स्थल तक क्यों पहुंचा था और उसके पीछे कोई साजिश तो नहीं थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी संगठन से जुड़ा हुआ है या फिर यह सिर्फ लापरवाही का मामला है। सुरक्षा एजेंसियां युवक के बैकग्राउंड और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
कार्यक्रम में मौजूद थे देश के बड़े नेता
जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त मंच पर देश के कई बड़े नेता मौजूद थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman और सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसके अलावा NDA शासित राज्यों के 40 से अधिक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल हुए थे। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया।
दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्वा सरमा
इस कार्यक्रम में Himanta Biswa Sarma ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ चार अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इनमें बीजेपी के रामेश्वर तेली और अजंता नेओग, AGP के अतुल बोरा और BPF के चरण बोरो शामिल हैं। समारोह को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल था और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। क्योंकि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों सहित कई वीवीआईपी नेता मौजूद थे, ऐसे में किसी व्यक्ति का जिंदा कारतूस लेकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जांच बेहद कड़ी थी और इसी वजह से आरोपी को समय रहते पकड़ लिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास गोलियां कहां से आईं और उसका उद्देश्य क्या था।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
घटना सामने आने के बाद सोशल media पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे बड़ी सुरक्षा चूक बता रहे हैं। ट्विटर और फेसबुक पर #Assam, #HimantaBiswaSarma और #SecurityBreach जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होनी चाहिए थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी भी तरह का खतरा पैदा नहीं हुआ।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं। पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोपी की मंशा क्या थी। यदि मामले में किसी बड़ी साजिश के संकेत मिलते हैं तो जांच एजेंसियां और सख्त कदम उठा सकती हैं। इस घटना ने एक बार फिर वीवीआईपी कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
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