चंपावत दुष्कर्म मामले पर उत्तराखंड में उबाल, देहरादून से श्रीनगर तक प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा
चंपावत दुष्कर्म मामले पर उत्तराखंड में उबाल, कई शहरों में प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी
चंपावत की घटना के बाद प्रदेशभर में आक्रोश
उत्तराखंड के चंपावत जिले में छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद पूरे प्रदेश में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को देहरादून, श्रीनगर गढ़वाल और बागेश्वर समेत कई शहरों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। कई संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इस मामले को लेकर सरकार को घेरा।
देहरादून में सरकार का पुतला दहन
राजधानी देहरादून में लैंसडौन चौक के पास सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा लगातार कमजोर होती जा रही है और सरकार अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
इसी तरह यमुना कॉलोनी तिराहा के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने “महिलाओं को न्याय दो” और “दोषियों को फांसी दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि सरकार जल्द सख्त कदम नहीं उठाती तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
श्रीनगर गढ़वाल में निकली आक्रोश रैली
चंपावत दुष्कर्म मामले को लेकर श्रीनगर गढ़वाल में भी स्थानीय लोगों का आक्रोश देखने को मिला। गुरुवार को पीपलचौरी के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नाबालिग छात्रा के साथ हुई घटना बेहद शर्मनाक है और दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराधों पर गहरी चिंता जताई।
इस दौरान पीपलचौरी से गोला पार्क तक आक्रोश रैली निकाली गई। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर महिला सुरक्षा और न्याय की मांग की। यह प्रदर्शन “जस्टिस फॉर अंकिता भंडारी कमेटी” के बैनर तले आयोजित किया गया।
गोला पार्क में हुई जनसभा
गोला पार्क में आयोजित जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीर और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड जैसी शांत और धार्मिक छवि वाले प्रदेश में लगातार इस प्रकार की घटनाएं सामने आना बेहद चिंताजनक है।
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो अपराधियों के हौसले और बढ़ सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर जल्द सजा दिलाई जाए।
इस कार्यक्रम में सरस्वती देवी, मुकेश सेमवाल, मोनिका, प्रिया, दीप्ति देवी, लक्ष्मी भट्ट, सीमा, ओमकार और बीना समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
बागेश्वर में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन
बागेश्वर में भी चंपावत दुष्कर्म मामले को लेकर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुरुवार को यूथ कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए एसबीआई तिराहे पर पहुंचे और वहां उत्तराखंड सरकार तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार ने कहा कि भाजपा शासन में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ घटनाएं चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपितों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि नाबालिग छात्रा के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई में अक्सर ढिलाई बरती जाती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष भगवत सिंह डसीला, कमलेश गढ़िया, राहुल बाराकोटी, गौरव परिहार, कैलाश नाथ और उम्मेद गढ़िया सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल
चंपावत की घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और कठोर सजा बेहद जरूरी है ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे। साथ ही महिला सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है।
सरकार पर बढ़ रहा दबाव
प्रदेशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जाए।राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के लगातार प्रदर्शन के बीच अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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