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चमोली में भारी भूस्खलन से बंद हुआ नीति-मलारी हाईवे, भारत-चीन सीमा से संपर्क टूटा

चमोली में भारी भूस्खलन से बंद हुआ नीति-मलारी हाईवे, भारत-चीन सीमा से संपर्क टूटा

उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को भारी भूस्खलन की घटना ने सीमांत क्षेत्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण नीति-मलारी नेशनल हाईवे (एनएच-107बी) अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर गिरने से हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके चलते नीति घाटी के कई गांवों का जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है।

प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम मौके पर राहत और सड़क खोलने के कार्य में जुटी हुई है। हालांकि लगातार पत्थर गिरने के कारण अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा न करने की अपील की है।

लाता और सालधार के पास हुआ भारी भूस्खलन

जानकारी के मुताबिक नीति-मलारी नेशनल हाईवे पर लाता और सालधार क्षेत्र के बीच पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गिरा। देखते ही देखते सड़क पूरी तरह पत्थरों और मिट्टी से भर गई। हाईवे पर आवाजाही रुकने के कारण कई वाहन रास्ते में फंस गए।

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से मौसम खराब बना हुआ था और लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ कमजोर हो गए थे। इसी वजह से अचानक पहाड़ी दरक गई और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर गिर पड़े।

दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूटा

भूस्खलन के कारण नीति घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बंद होने से खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। कई लोग जरूरी कामों के लिए जिला मुख्यालय जाने वाले थे, लेकिन हाईवे बंद होने से वे फंस गए।

इसके अलावा सीमांत क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों और आवश्यक सेवाओं की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। नीति-मलारी हाईवे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह भारत-चीन सीमा से जुड़े इलाकों को जोड़ता है।

बीआरओ की टीम मलबा हटाने में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम मौके पर पहुंच गई। जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया।

हालांकि पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने के कारण राहत कार्य में दिक्कत आ रही है। सुरक्षा कारणों से कई बार अभियान रोकना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही सड़क को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से खोला जा सकेगा।

बीआरओ अधिकारियों ने बताया कि हाईवे को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है ताकि सीमांत गांवों का संपर्क दोबारा स्थापित किया जा सके।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

चमोली जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल नीति-मलारी हाईवे पर यात्रा करने से बचें। प्रशासन ने कहा है कि मौसम और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए यह मार्ग अभी सुरक्षित नहीं है।

स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

उत्तराखंड में बढ़ रही भूस्खलन की घटनाएं

मानसून और बारिश के मौसम में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। राज्य के कई जिलों में सड़कों के बंद होने और पहाड़ दरकने की घटनाएं आम हो गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश, कमजोर होती पहाड़ियां और अनियोजित निर्माण कार्य भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ा रहे हैं। खासकर सीमांत और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़कें अक्सर मलबा गिरने से बाधित हो जाती हैं। पिछले कुछ वर्षों में चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जैसे जिलों में कई बड़े भूस्खलन देखने को मिले हैं, जिनसे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

रणनीतिक दृष्टि से अहम है नीति-मलारी मार्ग

नीति-मलारी हाईवे केवल स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यह मार्ग भारत-चीन सीमा के नजदीकी इलाकों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता माना जाता है। सीमा सड़क संगठन द्वारा इस मार्ग को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। लेकिन पहाड़ी भूगोल और खराब मौसम के कारण यहां सड़कें अक्सर बाधित हो जाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में मजबूत सुरक्षा उपायों और वैज्ञानिक तरीके से सड़क निर्माण की जरूरत है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने को कहा है। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रुकने से बचने की सलाह दी गई है। फिलहाल बीआरओ की टीम लगातार हाईवे खोलने के प्रयास में लगी हुई है। मौसम साफ होने के बाद मार्ग को आंशिक रूप से बहाल किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

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