तुंगनाथ और मदमहेश्वर मंदिर कपाट खुलने की तिथि 2026: जानें पूरी डोली यात्रा और शेड्यूल
तुंगनाथ और मदमहेश्वर मंदिर के कपाट खुलने की तिथि घोषित, जानें पूरी डोली यात्रा
देवभूमि उत्तराखंड से एक बड़ी धार्मिक खबर सामने आई है। पवित्र बैसाखी के अवसर पर द्वितीय केदार मदमहेश्वर मंदिर और तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि विधिवत पूजा-अर्चना के बाद घोषित कर दी गई है।
यह घोषणा ओंकारेश्वर मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ की गई, जिसमें तीर्थ पुरोहितों, मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
तुंगनाथ और मदमहेश्वर मंदिर कब खुलेंगे?
घोषित तिथि के अनुसार:
- तुंगनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल 2026 को खुलेंगे
- मदमहेश्वर मंदिर के कपाट 21 मई 2026 को खोले जाएंगे
इन दोनों मंदिरों का विशेष महत्व पंच केदार में होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है।
तुंगनाथ डोली यात्रा का पूरा कार्यक्रम
तुंगनाथ मंदिर की डोली यात्रा 20 अप्रैल से शुरू होगी।
- 20 अप्रैल: मक्कूमठ से डोली प्रस्थान, पहला रात्रि विश्राम भूतनाथ मंदिर में
- इस दौरान स्थानीय लोग नए अन्न का भोग चढ़ाते हैं और पुणखी मेले का आयोजन होता है
- 21 अप्रैल: डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए चोपता पहुंचेगी
- 22 अप्रैल: चोपता से तुंगनाथ धाम पहुंचकर कपाट खोले जाएंगे
हरे-भरे बुग्यालों के बीच यह यात्रा आध्यात्मिक अनुभव के साथ प्राकृतिक सुंदरता का भी अद्भुत संगम होती है।
मदमहेश्वर डोली यात्रा और कार्यक्रम
मदमहेश्वर मंदिर की डोली यात्रा 17 मई से शुरू होगी:
- 17 मई: ओंकारेश्वर मंदिर से चल विग्रह मूर्तियों को सभा मंडप में लाया जाएगा
- 18 मई: श्रद्धालुओं को डोली दर्शन
- 19 मई: डोली यात्रा का शुभारंभ
यह यात्रा कई प्रमुख पड़ावों से गुजरती है:
डगवाड़ी, ब्राह्मणखोली, मंगोलचारी, मनसूना, राऊलैंक और उनियाणा
- रात्रि विश्राम राकेश्वरी मंदिर (रासी गांव) में होगा
- 21 मई: शुभ मुहूर्त (कर्क लग्न) में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे
धार्मिक महत्व
तुंगनाथ और मदमहेश्वर दोनों ही भगवान भगवान शिव को समर्पित हैं और पंच केदार में इनका विशेष स्थान है।
- तुंगनाथ विश्व का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है
- मदमहेश्वर में भगवान शिव के नाभि रूप की पूजा की जाती है
हर साल हजारों श्रद्धालु इन धामों की यात्रा कर पुण्य अर्जित करते हैं।
तुंगनाथ और मदमहेश्वर मंदिरों के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है। डोली यात्रा और पारंपरिक पूजा-अर्चना इस धार्मिक आयोजन को और भी खास बनाती है। अगर आप 2026 में उत्तराखंड की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह समय इन पवित्र धामों के दर्शन के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है।
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