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देवाल में बड़ा सड़क हादसा: अंतिम संस्कार के लिए जा रही एम्बुलेंस 500 मीटर गहरी खाई में गिरी, 3 की मौत, 3 गंभीर घायल

देवाल में दर्दनाक हादसा: अंतिम संस्कार के लिए जा रही एम्बुलेंस 500 मीटर गहरी खाई में गिरी, 3 की मौत, 3 गंभीर घायल

उत्तराखंड में सड़क हादसों का सिलसिला जारी, चमोली में बड़ा हादसा

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। आए दिन किसी न किसी जिले से दर्दनाक दुर्घटनाओं की खबर सामने आ रही है। ताजा मामला चमोली जिले के देवाल विकासखंड से सामने आया है, जहां शनिवार सुबह एक निजी एम्बुलेंस गहरी खाई में गिर गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह हादसा उस समय हुआ जब एक परिवार अपने दिवंगत परिजन के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए देहरादून से अपने गांव लेकर जा रहा था। दुर्घटना की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों, पुलिस और डीडीआरएफ की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

ल्वाणी गांव के पास हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना देवाल विकासखंड के दूरस्थ ल्वाणी गांव के पास शनिवार तड़के हुई। निजी एम्बुलेंस देहरादून से लोहाजंग क्षेत्र की ओर जा रही थी। वाहन में कुल छह लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि पहाड़ी मार्ग पर चलते समय अचानक एम्बुलेंस चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और वाहन करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। खाई में गिरते ही वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन के कई हिस्से अलग हो गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।

अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था पार्थिव शरीर

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बांक, लोहाजंग निवासी बलबीर सिंह अपने परिजन स्वर्गीय भजन सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए गांव लेकर जा रहे थे।भजन सिंह का देहरादून में उपचार के दौरान निधन हो गया था। परिवार के सदस्य निजी एम्बुलेंस के माध्यम से उनका शव लेकर गांव लौट रहे थे। रास्ते में ल्वाणी गांव के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया।एक ही परिवार के कई सदस्य इस यात्रा में शामिल थे, जिसके चलते हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

चालक को नींद की झपकी आने की आशंका

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि एम्बुलेंस चालक को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया।पहाड़ी मार्गों पर रातभर की लंबी यात्रा और थकान अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।पुलिस तकनीकी पहलुओं, सड़क की स्थिति और चालक की भूमिका सहित सभी बिंदुओं की जांच कर रही है।

तीन लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत

इस भीषण हादसे में तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान निम्न प्रकार से हुई है—

मृतकों के नाम

  • बलबीर सिंह (52 वर्ष), पुत्र स्व. नारायण सिंह, निवासी ग्राम बांक, लोहाजंग
  • शांति देवी (48 वर्ष), पत्नी स्व. बलबीर सिंह
  • आंशु बिष्ट (18 वर्ष), पुत्र बलबीर सिंह

मृतकों की खबर मिलते ही परिवार और गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

तीन लोग गंभीर रूप से घायल

हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को रेस्क्यू कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

घायलों के नाम

  • कविता देवी (32 वर्ष), पत्नी खुशाल सिंह
  • मयंक सिंह (8 वर्ष), पुत्र खुशाल सिंह
  • रोशनी (18 वर्ष), पुत्री लक्ष्मण सिंह

डॉक्टरों के अनुसार घायलों में से दो की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा सकता है।

पुलिस और DDRF ने चलाया चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। दुर्घटनास्थल बेहद दुर्गम क्षेत्र में होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान काफी चुनौतीपूर्ण रहा।रेस्क्यू टीम को खाई में उतरने के लिए रस्सियों और विशेष उपकरणों का सहारा लेना पड़ा। घंटों की मशक्कत के बाद घायलों और मृतकों को बाहर निकाला गया।स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन ने ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की है।

गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी

क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा ने बताया कि घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) चमोली से बातचीत की गई है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो गंभीर घायलों को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर भेजा जाएगा ताकि उन्हें समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा है।

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब मौसम, संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और चालक की थकान जैसी वजहें दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। विशेषकर रात के समय लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के लिए जोखिम और बढ़ जाता है। कई बार चालक पर्याप्त आराम नहीं कर पाते, जिससे नींद आने की संभावना बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारों और क्रैश बैरियर की कमी भी दुर्घटनाओं की गंभीरता बढ़ा देती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संवेदनशील मार्गों पर मजबूत पैराफिट, चेतावनी संकेतक और नियमित निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले व्यावसायिक वाहनों के चालकों के लिए विश्राम व्यवस्था भी होनी चाहिए।

पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत और तीन अन्य के गंभीर रूप से घायल होने से बांक, लोहाजंग और देवाल क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सावधानी कितनी महत्वपूर्ण है। समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं तो ऐसी कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

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