ब्रेकिंग

वेब स्टोरी

चमोली में जंगल की आग से कार जलकर राख, बारिश से कई इलाकों में वनाग्नि पर काबू

चमोली में जंगल की आग ने लिया विकराल रूप, सड़क किनारे खड़ी कार जलकर राख

उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार धधक रहे जंगलों की आग ने गुरुवार को नगर क्षेत्र में बड़ा खतरा पैदा कर दिया। नगर के पठियालधार इलाके में सड़क किनारे खड़ी एक कार जंगल की आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गई। आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते अन्य वाहनों को सुरक्षित हटा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बाद में दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

नर्सिंग कॉलेज के आसपास फैल गई थी आग

जानकारी के अनुसार, पठियालधार स्थित नर्सिंग कॉलेज के चारों ओर जंगल में आग लगी हुई थी। तेज हवा और सूखे जंगलों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और सड़क किनारे तक पहुंच गई। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ी एक कार आग की चपेट में आ गई। देखते ही देखते कार धू-धू कर जलने लगी। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि वाहन को बचाया नहीं जा सका।

समय रहते हटाए गए 20 से अधिक वाहन

घटना के दौरान इलाके में खड़े करीब 20 से अधिक वाहनों को समय रहते वहां से हटा लिया गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की सतर्कता के कारण अन्य वाहन आग की चपेट में आने से बच गए। यदि समय रहते वाहनों को नहीं हटाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। आग लगने की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

कई दिनों से धधक रहे थे जिले के जंगल

चमोली जिले में पिछले कई दिनों से जंगलों में आग की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी, जिससे पूरे जिले में धुएं का गुबार छाया हुआ था। जंगलों में लगी आग के कारण तापमान भी लगातार बढ़ रहा था और लोगों को सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

इन क्षेत्रों में तेजी से फैल रही थी वनाग्नि

जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ वन प्रभाग की नंदप्रयाग और चमोली रेंज, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की गोपेश्वर रेंज और धनपुर रेंज में आग तेजी से फैल रही थी। वन विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हुई थीं, लेकिन सूखे मौसम और तेज हवाओं के कारण हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए थे।

बारिश बनी राहत की बड़ी वजह

दोपहर बाद जिले के कई क्षेत्रों में हुई बारिश जंगलों की आग के लिए राहत लेकर आई। बारिश के बाद चार से अधिक जगहों पर लगी आग स्वतः बुझ गई, जिससे वन विभाग और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के बाद आसमान में फैला धुआं भी काफी हद तक साफ हो गया और मौसम में ठंडक महसूस की गई। लंबे समय बाद लोगों को धुएं और गर्मी से कुछ राहत मिली।

जंगल की आग से हाईवे पर गिरने लगे पत्थर

सोनला पेट्रोल पंप के समीप जंगलों में लगी आग के कारण पहाड़ी क्षेत्र कमजोर हो गया, जिससे अचानक पत्थर टूटकर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरने लगे। पत्थरों के गिरने से हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। इस दौरान कई वाहन चालक बाल-बाल बच गए। सुरक्षा को देखते हुए करीब आधे घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही अपर उप निरीक्षक जतन राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत हाईवे पर ट्रैफिक रुकवाया और स्थिति का जायजा लिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने खुद सड़क से पत्थर हटाने का काम शुरू किया। कुछ ही देर बाद राष्ट्रीय राजमार्ग को साफ कर यातायात दोबारा सुचारु कराया गया।

वनाग्नि बनी बड़ी चुनौती

उत्तराखंड में हर साल गर्मियों के दौरान जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बार भी चमोली, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में वनाग्नि की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी, सूखे जंगल और मानवीय लापरवाही वनाग्नि की बड़ी वजह बन रहे हैं। जंगलों की आग से वन संपदा, वन्यजीव और स्थानीय आबादी सभी प्रभावित हो रहे हैं।

प्रशासन और वन विभाग अलर्ट

वन विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जंगलों के आसपास आग न जलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। अधिकारियों का कहना है कि बारिश से फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में फिर से वनाग्नि की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

Watch Video

Watch the full video for more details on this story.

You Might Also Like

Facebook Feed