News : उत्तराखंड में कुदरत का कहर, उत्तरकाशी के धराली में बादल फटा, कई घर बहे!
News : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में कुदरत का कहर देखने को मिला है। धराली गांव में बादल फटने की घटना सामने आई है, जिसके बाद आई अचानक बाढ़ और मलबे के बहाव ने भारी तबाही मचाई है।
इस घटना से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि पानी का तेज बहाव अपने रास्ते में आने वाले कई घरों और अन्य चीज़ों को बहाकर ले गया।
News : अचानक आई बाढ़ और मलबे का सैलाब
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब ऊंचे पहाड़ों पर बादल फट गया। इसके चलते पास के नाले में अचानक पानी का स्तर बेहद बढ़ गया। पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा भी नीचे आने लगा, जिसने स्थिति को और भी खतरनाक बना दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पहले नाले में पानी का बहाव सामान्य था, लेकिन कुछ ही पलों में वह एक विकराल रूप ले लेता है।
ऊंचाई पर मौजूद लोग इस भयावह दृश्य को अपनी आंखों से देख रहे थे और उसे रिकॉर्ड कर रहे थे। वे नीचे मौजूद लोगों को चेतावनी देने की कोशिश भी कर रहे थे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। लोगों की चीख-पुकार और मदद की गुहार वीडियो में सुनी जा सकती है, जो इस त्रासदी की गंभीरता को दर्शाती है।
पानी और मलबे के इस सैलाब ने नाले के आसपास बने कई घरों को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। फिलहाल, जान-माल के नुकसान का पूरा ब्यौरा अभी नहीं मिल पाया है।
News : बचाव कार्य जारी, सीएम ने जताई चिंता
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आया। उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन इकाइयां मौके पर भेज दी गई हैं। एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF), और जिला प्रशासन की टीमें युद्ध स्तर पर खोज और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर कहा, "धराली (उत्तरकाशी) क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वह लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति की गहन निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी के सुरक्षित होने की प्रार्थना की है।
News : मौसम विभाग की चेतावनी
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तराखंड में कई जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस तरह के मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन को पहले से ही सतर्क रहना चाहिए था।
राज्य में पिछले कुछ सालों से बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो पहाड़ों में जीवन को और भी मुश्किल बना रही हैं। यह घटना एक बार फिर से इस बात पर जोर देती है कि पहाड़ों में निर्माण कार्यों और सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।
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