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उत्तराखंड में मार्च में ही गर्मी का कहर: दून में तापमान 34°C पार, बदरीनाथ की चोटियों पर बर्फबारी

उत्तराखंड में मार्च में ही बढ़ी गर्मी, देहरादून में तापमान 34 डिग्री पार

उत्तराखंड में मार्च की शुरुआत से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। आमतौर पर इस समय प्रदेश में हल्की ठंड और सुहावना मौसम रहता है, लेकिन इस साल गर्मी ने जल्दी ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बीते कुछ दिनों में मैदानी इलाकों में बादल छाने और पहाड़ी क्षेत्रों में कोहरे के चलते बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन मौसम शुष्क ही बना रहा। इसके कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मार्च के दूसरे सप्ताह में ही तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाने शुरू कर दिए हैं। देहरादून सहित कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को समय से पहले ही गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

देहरादून में तापमान सामान्य से 8 डिग्री ज्यादा

देहरादून के मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो बृहस्पतिवार को यहां का अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 8 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। शहर में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो मार्च के महीने के हिसाब से काफी अधिक माना जा रहा है।

वहीं रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा। देहरादून में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के शुरुआती दिनों में ही इतनी गर्मी होना असामान्य स्थिति को दर्शाता है।

पर्वतीय क्षेत्रों में भी बढ़ा तापमान

सिर्फ मैदानी इलाके ही नहीं बल्कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री अधिक 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मुक्तेश्वर का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहा और यह 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के अन्य पर्वतीय इलाकों में भी इसी तरह तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

प्रदेश भर में मौसम रहेगा शुष्क

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 13 मार्च को भी उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। बारिश या किसी बड़े मौसम परिवर्तन की संभावना फिलहाल कम है। मौसम विभाग का कहना है कि मौसम शुष्क रहने के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा। इससे आने वाले दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है।

17 मार्च तक हल्की बारिश की संभावना

हालांकि मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 17 मार्च तक प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो तापमान में थोड़ी गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यही कारण है कि लोगों को मार्च के महीने में ही मई-जून जैसी गर्मी महसूस होने लगी है।

बदरीनाथ की चोटियों पर बर्फबारी

जहां एक तरफ प्रदेश के मैदानी और कई पहाड़ी इलाकों में तापमान बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी है। बृहस्पतिवार को बदरीनाथ धाम के आसपास की पहाड़ियों पर जमकर बर्फबारी हुई।

दो दिन पहले भी बदरीनाथ क्षेत्र में बर्फबारी दर्ज की गई थी। गुरुवार को सुबह से ही जिले में मौसम बदला हुआ था। हालांकि निचले इलाकों में बारिश नहीं हुई, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने से पहाड़ों की चोटियां पूरी तरह सफेद हो गईं।

बर्फबारी से मौसम हुआ सुहावना

बदरीनाथ धाम में बर्फबारी होने से वहां का मौसम काफी खुशनुमा हो गया है। हालांकि बर्फ गिरने के कारण ठंड भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बर्फबारी से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और बढ़ गई है। पर्यटन के लिहाज से भी यह मौसम काफी आकर्षक माना जा रहा है। बर्फ से ढकी चोटियां देखने के लिए आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम में बदलाव से बढ़ी चिंता

मार्च के शुरुआती दिनों में ही इतनी गर्मी बढ़ने से मौसम विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है। अगर इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो आने वाले महीनों में गर्मी का असर और ज्यादा देखने को मिल सकता है।

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