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मसूरी में सेकंड सैटरडे पर भीषण जाम: गांधी चौक से जीरो प्वाइंट तक 4 किमी लंबी वाहनों की कतार

मसूरी में सेकंड सैटरडे पर लगा भीषण जाम, गांधी चौक से जीरो प्वाइंट तक रेंगते रहे वाहन

सुबह 9 बजे से शहर की सड़कों पर बढ़ा यातायात का दबाव

Mussoorie में सेकंड सैटरडे की छुट्टी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई। शनिवार सुबह से ही शहर में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। सुबह करीब 9 बजे से मसूरी की प्रमुख सड़कों पर वाहनों का लंबा दबाव देखने को मिला। हालात इतने खराब रहे कि किंगक्रेग से गांधी चौक होते हुए जीरो प्वाइंट तक करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वाहन घंटों तक रेंगते हुए चलते रहे और पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

माल रोड और लाइब्रेरी बाजार में सबसे ज्यादा दबाव

मसूरी की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल माल रोड पर शनिवार को हालात बेहद खराब रहे। लाइब्रेरी बैरियर से कार्निवल सिनेमा तक लंबी वाहन कतारें लगी रहीं। वहीं मैसानिक बस स्टैंड से पिक्चर पैलेस, अपर मॉल रोड, घंटाघर और मल्लिंगार से चार दुकान तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।

लाइब्रेरी बाजार क्षेत्र में तो पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। पर्यटक और स्थानीय लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। सड़क किनारे खड़े वाहनों और बढ़ती पर्यटकों की संख्या के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

देहरादून-मसूरी और धनोल्टी मार्ग पर भी लंबा जाम

शनिवार को छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक Dehradun से मसूरी पहुंचे। देहरादून-मसूरी मार्ग पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। इसके अलावा मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर भी भारी ट्रैफिक दबाव देखने को मिला।

पर्यटन सीजन और सप्ताहांत की छुट्टियों के चलते हर साल मसूरी में ट्रैफिक की समस्या बढ़ जाती है, लेकिन इस बार सेकंड सैटरडे के कारण पर्यटकों की संख्या अचानक काफी बढ़ गई, जिससे पूरा शहर जाम की चपेट में आ गया।

स्कूली बच्चों को हुई सबसे ज्यादा परेशानी

ट्रैफिक जाम का असर सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों पर देखने को मिला। सुबह कई बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। वहीं छुट्टी के बाद बच्चों को घर पहुंचने में दो से तीन घंटे तक लग गए। अभिभावकों को भी बच्चों को लेने और छोड़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक के बावजूद प्रशासन की ओर से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। खासकर छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और बेहतर पार्किंग व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है।

पर्यटकों ने भी जताई नाराजगी

मसूरी घूमने पहुंचे पर्यटकों को भी जाम के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई पर्यटक घंटों तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। पर्यटकों का कहना है कि पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट मजबूत होना चाहिए ताकि लोगों का समय खराब न हो और यात्रा का अनुभव बेहतर बना रहे।

स्थानीय व्यापारियों पर भी पड़ा असर

माल रोड और बाजार क्षेत्रों में जाम का असर स्थानीय व्यापारियों पर भी पड़ा। कई दुकानदारों का कहना है कि अत्यधिक भीड़ और वाहनों की आवाजाही के कारण ग्राहक दुकानों तक आसानी से नहीं पहुंच पाए। हालांकि भीड़ अधिक होने के कारण होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को फायदा मिला, लेकिन यातायात अव्यवस्था के कारण कई पर्यटक जल्दी लौटते भी दिखाई दिए।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

हर साल पर्यटन सीजन में मसूरी में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन जाता है। शहर की संकरी सड़कें और सीमित पार्किंग व्यवस्था बढ़ती पर्यटकों की संख्या के सामने छोटी पड़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था, अतिरिक्त पार्किंग स्थल और शटल सेवा जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएं ताकि शहर को जाम से राहत मिल सके।

सेकंड सैटरडे की छुट्टी पर मसूरी में लगा लंबा जाम एक बार फिर शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को उजागर करता है। गांधी चौक से जीरो प्वाइंट तक चार किलोमीटर लंबा जाम, माल रोड पर रेंगते वाहन और घंटों तक फंसे लोग प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले पर्यटन सीजन में मसूरी की ट्रैफिक समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।

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