चमोली में गुलदार का हमला: खेत में काम कर रहे युवक पर किया हमला, ग्रामीणों में दहशत
चमोली में गुलदार का हमला: खेत में काम कर रहे युवक पर झपटा, बाल-बाल बची जान
उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बार फिर गुलदार के हमले की खबर सामने आई है। पोखरी विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाली रौता ग्राम पंचायत में इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है।
खेत में काम कर रहे युवक पर किया हमला
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को गांव के पास खेतों में काम कर रहे एक युवक पर अचानक गुलदार ने हमला कर दिया।घायल युवक की पहचान मोहित सिंह के रूप में हुई है, जो शिशुपाल सिंह के पुत्र हैं। बताया जा रहा है कि गुलदार ने उनके पीठ और हाथ पर जोरदार हमला किया।
युवक ने बहादुरी से बचाई अपनी जान
हमले के दौरान मोहित सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और गुलदार का मुकाबला करते हुए किसी तरह अपनी जान बचाई।गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।गनीमत यह रही कि इस हमले में उनकी जान बच गई, लेकिन घटना ने पूरे गांव को सहमा दिया है।
ग्रामीणों में दहशत, पहले भी मिल चुकी थी सूचना
थाला बैंड वार्ड के जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र राणा ने बताया कि क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता पहले भी देखी गई थी।उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी को पहले ही सूचित किया गया था, लेकिन अब हमले के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल और बढ़ गया है।
गुलदार को पकड़ने की उठी मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
- गांव में पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग
- खेतों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने की अपील
- ग्रामीणों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की जरूरत
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गुलदार को पकड़ा नहीं जाता, तब तक खेतों में काम करना जोखिम भरा बना रहेगा।
वन विभाग ने कही कार्रवाई की बात
वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं ने बताया कि उन्हें इस हमले की सूचना मिल चुकी है।उन्होंने कहा कि घायल का इलाज जारी है और ग्रामीणों में डर का माहौल न बने, इसके लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ रहे वन्यजीव हमले
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से गुलदार और अन्य वन्यजीवों के हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में घटती जगह और भोजन की कमी के कारण वन्यजीव अब आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
चमोली के रौता गांव में हुआ यह हमला एक गंभीर चेतावनी है कि वन्यजीव और मानव के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। प्रशासन और वन विभाग के लिए यह जरूरी है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और समूह में काम करने जैसी सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।
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