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केदारनाथ में ग्लेशियर टूटा, लिनचोली के पास बड़ा हादसा, पैदल मार्ग बंद

केदारनाथ में ग्लेशियर टूटने से हड़कंप, लिनचोली के पास पैदल मार्ग पूरी तरह बंद

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इसी बीच केदारनाथ क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां लिनचोली के पास ग्लेशियर टूटने से अफरा-तफरी मच गई है। इस घटना ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

लिनचोली के पास टूटा ग्लेशियर

मिली जानकारी के अनुसार, केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित लिनचोली इलाके में थारू ग्लेशियर अचानक टूट गया। ग्लेशियर टूटने के बाद भारी मात्रा में बर्फ नीचे की ओर बहने लगी, जिससे पूरे रास्ते पर बर्फ का सैलाब उमड़ पड़ा। इस घटना के कारण पैदल मार्ग कई जगहों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।

यात्रा और आवाजाही पर असर

ग्लेशियर टूटने का सबसे बड़ा असर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पड़ा है।

  • पैदल मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है
  • घोड़े-खच्चरों की आवाजाही ठप हो गई है
  • जरूरी सामान की सप्लाई बाधित हो गई है

इससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित

केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों पर भी इस घटना का असर पड़ा है। बर्फ और मलबे के कारण निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं। प्रशासन अब पहले मार्ग को बहाल करने और हालात को सामान्य करने में जुटा है।

प्रशासन की टीम मौके पर

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई है। अधिकारी राघवेंद्र सिंह के अनुसार, ग्लेशियर टूटने से करीब 100 मीटर तक का मार्ग पूरी तरह तबाह हो गया है। फिलहाल राहत और मरम्मत कार्य तेजी से जारी हैं, ताकि जल्द से जल्द रास्ता फिर से खोला जा सके।

अप्रैल में भी बर्फबारी से बिगड़े हालात

आम तौर पर अप्रैल में मौसम सामान्य होने लगता है, लेकिन इस बार उत्तराखंड में मौसम ने अलग ही रुख दिखाया है।

  • लगातार बर्फबारी हो रही है
  • कई जिलों में ठंड और बढ़ गई है
  • लोगों को बर्फीली आपदा का सामना करना पड़ रहा है

मौसम के इस असामान्य बदलाव ने प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बर्फबारी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण ग्लेशियर कमजोर हो जाते हैं, जिससे उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में और सतर्क रहने की जरूरत है।

निष्कर्ष

केदारनाथ के लिनचोली क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को उजागर किया है। फिलहाल प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है, लेकिन जब तक मौसम सामान्य नहीं होता, तब तक खतरा बना रह सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल केदारनाथ यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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