डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: ईरान, ब्रिटेन और फ्रांस पर साधा निशाना, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप का तीखा हमला: ईरान, ब्रिटेन और फ्रांस पर साधा निशाना, कहा– ‘अब खुद लड़ना सीखो’
Donald Trump ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए अपने ताज़ा बयान में उन्होंने United Kingdom, France और Iran को लेकर तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर वैश्विक तनाव बना हुआ है और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ब्रिटेन को ट्रंप की दो टूक सलाह
अपने बयान में Donald Trump ने खास तौर पर United Kingdom को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल नहीं हुए और अब होर्मुज जलडमरूमध्य के कारण जेट ईंधन की कमी झेल रहे हैं, उनके लिए उनके पास दो सुझाव हैं:
- पहला: अमेरिका से ईंधन खरीदो, क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त भंडार है
- दूसरा: हिम्मत दिखाओ और खुद जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल करो
ट्रंप ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि ये देश अपनी सुरक्षा के लिए खुद लड़ना सीखें, क्योंकि अमेरिका हर बार उनकी मदद के लिए आगे नहीं आएगा।
ईरान पर सख्त चेतावनी
Iran को लेकर ट्रंप का रुख बेहद आक्रामक नजर आया। उन्होंने दावा किया कि ईरान लगभग तबाह हो चुका है और “मुश्किल काम खत्म हो गया है।”
इससे पहले भी उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द कोई समझौता नहीं होता और होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापार के लिए नहीं खुलता, तो अमेरिका ईरान के:
- बिजली उत्पादन संयंत्र
- तेल कुएं
- खर्ग द्वीप (Kharg Island)
को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई उन अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला होगी, जिन्हें ईरान ने पिछले कई दशकों में नुकसान पहुंचाया।
फ्रांस पर भी साधा निशाना
ट्रंप ने France की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्रांस ने इस्राइल जा रहे सैन्य उपकरणों से भरे विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी। ट्रंप ने इसे “बहुत खराब सहयोग” करार दिया और कहा कि अमेरिका इस रवैये को याद रखेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है।
अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है या यह मार्ग बाधित होता है, तो:
- वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है
- ईंधन की कीमतों में तेजी आ सकती है
- कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है
बढ़ता वैश्विक तनाव
ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है। खासकर अमेरिका और ईरान के बीच संबंध पहले से ही बेहद नाजुक हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बयान कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को कमजोर कर सकते हैं और हालात को और गंभीर बना सकते हैं।
क्या हो सकते हैं आगे के परिणाम?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कुछ संभावित असर सामने आ सकते हैं:
- अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव का खतरा
- यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच मतभेद बढ़ना
- वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता
- मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति और बिगड़ना
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