अगस्त्यमुनि की सभ्या नेगी का उत्तराखंड सीनियर महिला क्रिकेट टीम में चयन, गांव में भव्य स्वागत
रुद्रप्रयाग: जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के बच्छणस्यूं पट्टी स्थित मर्गांव (पणधारा) गांव की होनहार क्रिकेटर सभ्या नेगी का उत्तराखंड सीनियर महिला क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। इस उपलब्धि के बाद गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और उनके घर पहुंचने पर ग्रामीणों ने भव्य स्वागत कर उनका सम्मान किया।
सभ्या नेगी (24) ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। एक छोटे से गांव से निकलकर राज्य स्तर की क्रिकेट टीम तक पहुंचना उनके संघर्ष और समर्पण की कहानी को दर्शाता है। उनके चयन से पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है।
गांव पहुंचने पर सभ्या का स्वागत पारंपरिक अंदाज में किया गया। ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं की धुनों के साथ फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभी ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जताई।
सभ्या नेगी, दरबान सिंह नेगी की पुत्री हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को जारी रखा और लगातार मेहनत करती रहीं। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया है। स्थानीय स्तर पर अभ्यास करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई और अब राज्य टीम में चयनित होकर अपने गांव और जिले का नाम रोशन किया है।
बतौर ऑलराउंडर, सभ्या ने पहले भी अपने खेल से प्रभावित किया है। उत्तराखंड महिला प्रीमियर लीग में उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा था। खासतौर पर फाइनल मुकाबले में उन्होंने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उनके इस प्रदर्शन को चयनकर्ताओं ने भी सराहा और यही उनकी चयन की बड़ी वजह बनी।
उनकी इस सफलता से क्षेत्र की अन्य लड़कियों को भी प्रेरणा मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि सभ्या ने साबित कर दिया है कि अगर मेहनत और लगन हो, तो किसी भी छोटे गांव से निकलकर बड़े मंच तक पहुंचा जा सकता है।
ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह बिष्ट ने कहा कि सभ्या नेगी ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि सभ्या की उपलब्धि अन्य बेटियों के लिए प्रेरणादायक है और इससे क्षेत्र में खेलों के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
परिजनों ने भी सभ्या की इस सफलता पर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनका कहना है कि सभ्या ने अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत की है और आगे भी वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सभ्या को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलती रहीं, तो वह आने वाले समय में भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक भी पहुंच सकती हैं। उनकी सफलता ने यह भी दिखाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है उसे सही दिशा और अवसर देने की।
सभ्या नेगी की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए भी प्रेरणादायक है। अब सभी को उम्मीद है कि वह आगे भी अपने प्रदर्शन से नई ऊंचाइयों को छुएंगी और देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
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