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रायपुर थाने में कस्टडी डेथ: पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत से हड़कंप, आत्महत्या या लापरवाही?

रायपुर थाने में पुलिस कस्टडी के दौरान पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने पुलिस विभाग के भीतर भी हड़कंप मचा दिया है और अब यह मामला जांच का विषय बन गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जवान का शव हवालात के अंदर कंबल से बने फंदे में लटका हुआ मिला, जिससे आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

घटना शनिवार की बताई जा रही है, जब पुलिस को लाडपुर स्थित एक पेट्रोल पंप से सूचना मिली कि एक व्यक्ति पेट्रोल भरवाने के बाद भुगतान नहीं कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, संबंधित व्यक्ति शराब के नशे में था और वह किसी की बात नहीं मान रहा था। काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं माना, तो पुलिस उसे हिरासत में लेकर रायपुर थाने ले आई।

बाद में उस व्यक्ति की पहचान पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी के रूप में हुई। पुलिस ने उस पर शराब पीकर वाहन चलाने का आरोप लगाया और आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। थाने में भी वह कथित रूप से हंगामा करता रहा, जिसके चलते पुलिस ने उसे हवालात में बंद कर दिया।

कुछ समय बाद पुलिसकर्मियों ने उसे हवालात के अंदर बेसुध अवस्था में पाया। स्थिति गंभीर होने पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिसकर्मी उसे कोरोनेशन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद मामला और गंभीर हो गया जब यह सामने आया कि जवान का शव कंबल से बने फंदे में लटका हुआ मिला था। इससे आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन कई सवाल भी उठ रहे हैं। हवालात के अंदर इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे। आईजी आनंद स्वरूप और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी हुई है, जो इस घटना को लेकर आक्रोश और चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

वहीं, मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने इस घटना को लेकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि पुलिस की लापरवाही या प्रताड़ना का मामला हो सकता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

कस्टडी में मौत के मामलों को लेकर हमेशा से ही संवेदनशीलता बनी रहती है। कानून के अनुसार, पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्ति की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होती है। ऐसे में यदि हवालात के अंदर किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो यह अपने आप में एक गंभीर मामला बन जाता है और इसकी गहन जांच आवश्यक होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएंगे। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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