Char Dham Yatra 2027: श्रद्धालुओं को मिल सकती है सिलक्यारा टनल की सौगात, 26 KM की दूरी होगी कम
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2027 पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव टनल को आगामी यात्रा सीजन तक यातायात के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि निर्माण कार्य और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो श्रद्धालुओं को अगले यात्रा सीजन में इस सुरंग से आवाजाही की सुविधा मिल सकती है। इससे यमुनोत्री धाम पहुंचने के लिए करीब 26 किलोमीटर की दूरी कम होने की उम्मीद है।
Char Dham Yatra 2027: मार्च तक पूरा हो सकता है सिविल वर्क
सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण कर रही कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग का सिविल निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने की योजना है। इसके बाद सुरंग में बिजली, लाइटिंग और अन्य इलेक्ट्रिकल व्यवस्थाओं से जुड़े काम किए जाएंगे।
इन सभी कार्यों के निर्धारित समय पर पूरा होने और जरूरी मंजूरियां मिलने की स्थिति में आगामी चारधाम यात्रा के दौरान सुरंग को यातायात के लिए खोला जा सकता है। हालांकि, अभी इसे खोलने की आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
सिलक्यारा-पोलगांव टनल शुरू होने से यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों को मौजूदा सड़क मार्ग के मुकाबले कम दूरी तय करनी पड़ेगी। करीब 26 किलोमीटर की दूरी कम होने से यात्रा में लगने वाला समय घटने और वाहनों के ईंधन की बचत होने की उम्मीद है।
इस सुरंग के चालू होने से स्थानीय लोगों के साथ चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी फायदा मिल सकता है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा का समय कम होने से यात्रियों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक होने की संभावना है।
858 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है सिलक्यारा टनल
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चारधाम सड़क परियोजना के तहत सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। करीब 4.5 किलोमीटर लंबी इस सुरंग की निर्माण लागत लगभग 858 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। परियोजना को वर्ष 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तकनीकी चुनौतियों और निर्माण के दौरान आई बाधाओं के चलते काम में देरी हुई।
सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। यह परियोजना उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
17 दिन तक सुरंग में फंसे रहे थे 41 श्रमिक
सिलक्यारा सुरंग निर्माण के दौरान 12 नवंबर 2023 को बड़ा हादसा हुआ था। सुरंग के अंदर भूस्खलन होने से 41 श्रमिक फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए करीब 17 दिनों तक बचाव अभियान चलाया गया। देश की विभिन्न बचाव एजेंसियों और विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयासों से सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
इस घटना के बाद सुरंग का निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। जनवरी 2024 में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) को निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की अनुमति मिली। इसके बाद सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए काम आगे बढ़ाया गया।
अप्रैल 2024 में सुरंग को आर-पार कर दिया गया था। यह परियोजना के निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, हालांकि इसके बाद भी कई तकनीकी और निर्माण संबंधी कार्य पूरे किए जाने बाकी थे।
एक किलोमीटर हिस्से की दोबारा करनी पड़ी री-प्रोफाइलिंग
सुरंग निर्माण के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण करीब एक किलोमीटर हिस्से की री-प्रोफाइलिंग करनी पड़ी। इस प्रक्रिया में प्रभावित हिस्से को निर्धारित आकार में लाने के लिए दोबारा निर्माण कार्य किया गया। निर्माण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, यह काम भी पूरा कर लिया गया है।
इसके अलावा, निर्माण के दौरान कंक्रीट ब्लॉक गिरने की घटना में एक श्रमिक की मौत भी हुई थी। इन चुनौतियों के कारण परियोजना में सुरक्षा और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया।
चारधाम यात्रा 2027 से पहले टनल शुरू होने की उम्मीद
सिलक्यारा-पोलगांव टनल को आगामी चारधाम यात्रा सीजन से पहले यातायात के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि सिविल निर्माण, इलेक्ट्रिकल कार्य और जरूरी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो वर्ष 2027 में यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सकता है।
हालांकि, सुरंग से आवाजाही शुरू होने की अंतिम तारीख संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा और सभी जरूरी सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी होने पर ही स्पष्ट होगी। फिलहाल श्रद्धालुओं की नजर इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने पर टिकी है।









