चमोली टनल हादसा: CM धामी ने लिया रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा, 19 मजदूर सुरक्षित बाहर,3 का रेस्क्यू जारी!
13 अगस्त 2026 उत्तराखंड के चमोली जिले में एक निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा भरने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के बाद टनल के अंदर कई मजदूर फंस गए, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीमें लगातार मुश्किल हालात के बीच अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी रहीं।
हादसा पिपलकोटी इलाके में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन टनल में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टनल के अंदर काम चल रहा था, तभी अचानक तेज आवाज के साथ पानी और मलबे का बहाव अंदर आ गया। देखते ही देखते रास्ते का एक हिस्सा बंद हो गया और मजदूरों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
अचानक बढ़ा पानी और मलबे का दबाव
घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती टनल के अंदर फंसे मजदूरों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचना थी। पानी का स्तर बढ़ने और मलबा जमा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद कठिन हो गया।
सूचना मिलते ही NDRF, SDRF समेत कई बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरक्षाकर्मियों और विशेषज्ञों ने टनल के अंदर की स्थिति का आकलन करते हुए फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
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रेस्क्यू के दौरान सामने आई बड़ी चुनौती
बचाव अभियान के दौरान टीमों को लगातार बदलती परिस्थितियों से जूझना पड़ा। टनल में पानी की मौजूदगी और मलबे के कारण अंदर जाना जोखिम भरा था। इसके बावजूद रेस्क्यू कर्मियों ने अभियान जारी रखा।
रिपोर्टों के अनुसार, कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में कई लोगों की मौत
चमोली टनल हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं कई अन्य घायल हुए हैं। कुछ मजदूरों के टनल के अंदर फंसे होने की सूचना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया।
रेस्क्यू टीमों के सामने चुनौती सिर्फ मलबा हटाने की नहीं थी, बल्कि अंदर मौजूद पानी और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सुरक्षित रास्ता बनाना भी था।
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मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी घटनास्थल पहुंचे और बचाव अभियान की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की प्राथमिकता टनल में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना रही।
अधिकारियों और बचाव एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय किया गया, ताकि ऑपरेशन को बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के आगे बढ़ाया जा सके।
हिमालयी इलाके में निर्माण कार्यों की सुरक्षा फिर चर्चा में
चमोली का इलाका भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। पहाड़ी क्षेत्र में सुरंगों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का निर्माण कई प्राकृतिक चुनौतियों के बीच किया जाता है।
चमोली की यह घटना एक बार फिर ऐसे प्रोजेक्ट्स में मजदूरों की सुरक्षा, भूगर्भीय जांच और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सवाल खड़े करती है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की नजर टनल के अंदर की स्थिति पर बनी हुई है और बचाव दल फंसे हुए मजदूरों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।



















