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Ankita Bhandari Case : तीन साल बाद मिला इंसाफ़, तीनों आरोपियों को उम्रकैद

Ankita Bhandari Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज कोटद्वार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने तीनों आरोपितों—पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता—को दोषी ठहराया है। ये वही मामले का अंतिम मुकाम है, जिसमें साल 2022 में 19 साल की युवती अंकिता की हत्या हुई थी। सजा की घोषणा को लेकर बहस अभी भी जारी है और अदालत आज दोपहर 2 बजे अपना अंतिम फैसला सुनाएगी।

Ankita Bhandari Case : क्या थी पूरी घटना

अंकिता भंडारी, जो कि देहरादून के एक होटल मैनेजमेंट कॉलेज की छात्रा थी, 2022 के अगस्त में उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करने लगी थी। उसे ₹10,000 मासिक वेतन देने का वादा किया गया था। पर, कुछ महीनों के भीतर ही उसकी जिंदगी खतरे में पड़ गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, अंकिता ने रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों से उत्पीड़न झेला।

18 सितंबर 2022 को अंकिता अचानक लापता हो गई। बाद में 24 सितंबर को उसका शव चिला नहर में मिला। पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन शरीर पर चोट के भी निशान थे, जो इस हत्या की गंभीरता को दर्शाते हैं।

पुलकित आर्य, जो खुद वाननत्रा रिजॉर्ट का मालिक है और पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा, पर आरोप था कि उसने अंकिता को जबरन ‘विशेष सेवाएं’ देने के लिए दबाव डाला। जब अंकिता ने मना किया, तो उसे मारकर नहर में फेंक दिया गया। इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) ने की, जिसने 97 गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप पत्र तैयार किया।

Ankita Bhandari Case : अदालत में सुनवाई और फैसला

करीब दो साल आठ महीने चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने आज फैसला सुनाया कि पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता हत्या के आरोपी हैं। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया है, जिनमें हत्या (धारा 302), यौन उत्पीड़न (धारा 354), और आपराधिक साजिश (धारा 120B) शामिल हैं।

हालांकि, सजा पर अंतिम फैसला आज दोपहर 2 बजे आना बाकी है। कोर्ट की इस प्रक्रिया को लेकर राज्य में काफी हलचल है, क्योंकि यह फैसला अन्य मामलों में भी मिसाल कायम करेगा।

Ankita Bhandari Case : परिवार की प्रतिक्रिया

अंकिता के परिवार ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन उनकी मांग है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। अंकिता की मां ने कहा, "हमें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा, लेकिन दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए ताकि ऐसे जघन्य अपराध दोबारा न हों।"

इस केस ने ना केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार की गंभीरता पर बहस छेड़ दी। पुलकित आर्य के पिता विनोद आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जबकि इस मामले में कई अधिकारियों की भूमिका की भी जांच चल रही है।

कोर्ट द्वारा आज 2 बजे सजा की घोषणा के बाद यह मामला खत्म होगा या फिर इसके खिलाफ अपीलों का दौर शुरू होगा, यह देखने वाली बात होगी। पर इतना तय है कि इस फैसले से महिलाओं के प्रति अपराधों में कमी आने की उम्मीद जगी है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड ने एक बार फिर यह दिखाया कि सत्ता और पैसे के बावजूद भी अपराधों के खिलाफ कानून अपना कदम आगे बढ़ा सकता है। दो साल से लंबित यह केस आज अपना अंतिम फैसला सुनाने जा रहा है। दोषियों को न्याय मिलेगा या नहीं, ये तो दोपहर 2 बजे पता चलेगा, लेकिन अंकिता के परिवार और समाज को इससे बड़ा सहारा मिलने वाला है।

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