अल्मोड़ा हादसा: 3 दिन से लापता पुलिसकर्मी का शव 300 मीटर गहरी खाई में मिला
अल्मोड़ा में दर्दनाक हादसा: 3 दिन से लापता पुलिसकर्मी का शव गहरी खाई से बरामद
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां तीन दिनों से लापता चल रहे एक पुलिसकर्मी का शव गहरी खाई से बरामद किया गया है। हादसे में उनकी कार भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली, जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
24 अप्रैल से थे लापता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल संजीव कुमार 24 अप्रैल को भतरौजखान थाने से ड्यूटी के सिलसिले में निकले थे। इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा था, जिससे परिवार और पुलिस विभाग की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी।
बताया जा रहा है कि वह रामनगर से अल्मोड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका संपर्क टूट गया और वे लापता हो गए।
300 मीटर गहरी खाई में मिली कार
लगातार खोजबीन के बाद 1 मई से पुलिस ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में लगाया गया। आखिरकार मछोड़ के पास पाटीगैर क्षेत्र में एक गहरी खाई में उनकी कार दिखाई दी।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, उनकी कार अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी थी। खाई इतनी गहरी थी कि वाहन और शव तक पहुंचने में बचाव दल को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
कड़ी मशक्कत के बाद मिला शव
राहत और बचाव दल ने घंटों की मेहनत के बाद वाहन संख्या UK 18 Q 2132 को खाई से बाहर निकाला। इसी कार में कांस्टेबल संजीव कुमार का शव भी मिला। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
मृतक की पहचान और परिवार में शोक
मृतक की पहचान 45 वर्षीय संजीव कुमार, पुत्र इकबाल सिंह, निवासी साईं कॉलोनी, कुंडेश्वरी, काशीपुर, उधम सिंह नगर के रूप में हुई है। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और स्थानीय लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
इस घटना से पुलिस विभाग में भी गहरा शोक व्याप्त है। संजीव कुमार एक जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे। उनके असामयिक निधन से विभाग को एक बड़ा नुकसान हुआ है।
जांच जारी, हादसे की आशंका
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।यह भी जांच का विषय है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें किसी अन्य कारण की भी भूमिका रही है।
पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क हादसे एक बड़ी चुनौती
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में सड़क हादसे एक आम लेकिन गंभीर समस्या बने हुए हैं। संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और गहरी खाइयां अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
अल्मोड़ा में हुआ यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। तीन दिन तक लापता रहने के बाद इस तरह शव का मिलना बेहद दर्दनाक है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के उपायों को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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