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नोएडा में मजदूरों का हिंसक प्रदर्शन: वेतन बढ़ोतरी की मांग पर पथराव, 350 से ज्यादा गिरफ्तार

नोएडा में दूसरे दिन भी बवाल: वेतन बढ़ोतरी की मांग पर मजदूरों का हिंसक प्रदर्शन, 350 से ज्यादा गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी उग्र हो गया। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध मंगलवार को हिंसक रूप ले बैठा, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प, पथराव और लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी और 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।

फेज 2 और सेक्टर 80 में पथराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

मंगलवार सुबह फेज 2 के सेक्टर 80 इलाके में प्रदर्शनकारियों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब 9 बजे कुछ मजदूरों ने कंपनी परिसर के बाहर जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

बताया जा रहा है कि यह घटना एक औद्योगिक इकाई के बाहर हुई, जहां मजदूर वेतन बढ़ोतरी और कामकाजी शर्तों में सुधार की मांग कर रहे थे।

कासना में पुलिस और मजदूरों के बीच हाथापाई

कासना स्थित एक कंपनी में भी हालात तनावपूर्ण रहे। यहां मजदूरों और पुलिस के बीच सीधी भिड़ंत हो गई, जिसमें कई मजदूर घायल हो गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।

घरेलू सहायिकाओं का भी प्रदर्शन

विरोध केवल औद्योगिक मजदूरों तक सीमित नहीं रहा। सेक्टर 121 स्थित Cleo County सोसायटी में घरेलू सहायिकाओं ने भी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सोसायटी प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी।

फरीदाबाद में भी असर, कई हिरासत में

इस आंदोलन की आंच फरीदाबाद तक पहुंच गई। सेक्टर 37 स्थित एक कंपनी के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इससे साफ है कि मजदूरों का असंतोष केवल एक शहर तक सीमित नहीं है बल्कि व्यापक रूप लेता जा रहा है।

350 से ज्यादा गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप और X के जरिए अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पहचान कर केस दर्ज किए जा रहे हैं।

प्रशासन ने मानी मजदूरों की प्रमुख मांगें

स्थिति को शांत करने के लिए प्रशासन ने मजदूरों की कई मांगों को स्वीकार कर लिया है। जिला प्रशासन के अनुसार:

  • मजदूरों की वेतन बढ़ोतरी की मांग मान ली गई है
  • हर महीने 10 तारीख से पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा
  • बोनस समय पर दिया जाएगा
  • ओवरटाइम और छुट्टी पर काम के लिए डबल वेतन मिलेगा
  • कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए समितियां बनाई जाएंगी

सरकार और मजदूरों के बीच बातचीत जारी

औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों से विस्तृत बातचीत की गई है और एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति मजदूरों और कंपनियों के बीच संतुलन बनाकर स्थायी समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।

स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर

हालांकि कई इलाकों में तनाव बना हुआ है, लेकिन कुछ कंपनियों में मजदूर काम पर लौटने लगे हैं। प्रशासन का दावा है कि हालात अब नियंत्रण में हैं और आगे किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।

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