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जमीन के 11 लाख रुपये न लौटाने पर ग्रामीण ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत

जमीन के पैसे न लौटाने से परेशान ग्रामीण ने खाया जहर, अस्पताल में मौत

लोहाघाट निवासी ग्रामीण की दर्दनाक मौत, पुलिस ने दर्ज किया मामला

उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां जमीन खरीद के लिए दी गई रकम वापस न मिलने से परेशान एक ग्रामीण ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने खटीमा निवासी आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सड़क किनारे तड़पता मिला ग्रामीण

जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 10 बजे पिथौरागढ़ चुंगी क्षेत्र से गुजर रही चीता मोबाइल पुलिस टीम को एक व्यक्ति ने आवाज लगाई। पुलिस कर्मियों ने जब उसके पास पहुंचकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने सल्फास खा लिया है।

स्थिति गंभीर देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत उसे उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती चली गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान पंचेश्वर क्षेत्र के मौड़ा गांव निवासी 55 वर्षीय दीवान सिंह बोहरा के रूप में हुई है।

जमीन खरीदने के लिए दिए थे 11 लाख रुपये

मृतक के पुत्र दीपक सिंह ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि उसके पिता ने खटीमा निवासी एक व्यक्ति से 11 लाख रुपये में जमीन का सौदा किया था। परिवार का आरोप है कि जमीन बेचने वाले व्यक्ति ने बाद में वही जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी। इतना ही नहीं, उसने दीवान सिंह बोहरा को न तो जमीन दी और न ही उनके पैसे वापस लौटाए। इस वजह से मृतक काफी समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे और लगातार परेशान थे।

मानसिक तनाव में थे मृतक

परिजनों के मुताबिक, जमीन विवाद और पैसे वापस न मिलने के कारण दीवान सिंह बोहरा गहरे तनाव में आ गए थे। परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी द्वारा लगातार टालमटोल किए जाने से वह बेहद परेशान हो चुके थे। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव में आकर उन्होंने सल्फास खा लिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी

मामले में कोतवाल चेतन सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के बेटे की तहरीर के आधार पर आरोपी कैलाश भट्ट निवासी बुढ़िया थारू, खटीमा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच एसआई अकरम मोहम्मद को सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव

गुरुवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन विवाद के मामलों में बढ़ती धोखाधड़ी लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।

बढ़ रहे हैं जमीन विवाद के मामले

उत्तराखंड समेत कई राज्यों में जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। कई मामलों में लोग बड़ी रकम देने के बाद भी न तो जमीन हासिल कर पाते हैं और न ही उनका पैसा वापस मिलता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जमीन का सौदा करने से पहले उसके दस्तावेजों की पूरी जांच करानी चाहिए। साथ ही रजिस्ट्री और स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड को सत्यापित करना बेहद जरूरी है।

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर बताती है कि आर्थिक धोखाधड़ी और जमीन विवाद किस तरह लोगों को मानसिक रूप से तोड़ सकते हैं।

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